ABVP द्वारा प्रदेश स्तरीय शिक्षा संबंधित मांगों एवं शिमला में SFI के गुंडों द्वारा किए गए हमले के विरोध में धरना प्रदर्शन
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला शिमला द्वारा प्रदेश स्तरीय शिक्षा से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं, छात्र हितों की अनदेखी तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में हाल ही में घटित हिंसक घटना के विरोध में एक सशक्त, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
धरना-प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश स्तरीय शिक्षा संबंधी मांगों को सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना था। वर्तमान समय में प्रदेश का छात्र समाज अनेक गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। महंगी होती शिक्षा, परीक्षा परिणामों में अनियमितता, अधोसंरचना की कमी, छात्रावासों की बदहाल स्थिति, पुस्तकालयों एवं प्रयोगशालाओं में संसाधनों का अभाव, तथा दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए परिवहन व आवास की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इन सभी मुद्दों पर सरकार और प्रशासन की उदासीनता छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है।
इसके अतिरिक्त, बीते दिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में वामपंथी छात्र संगठन SFI द्वारा अभाविप के कार्यकर्ताओं। पर किए गए हिंसक हमले की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कड़े शब्दों में निंदा करती है। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक परिसर में इस प्रकार की गुंडागर्दी, भय का माहौल और हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुछ तत्व छात्र राजनीति को हिंसा और अराजकता के माध्यम से दूषित करने का प्रयास कर रहे हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट रूप से यह कहना चाहती है कि विश्वविद्यालय परिसर संवाद, विचार-विमर्श और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र होना चाहिए, न कि हिंसा और डर का। विद्यार्थी परिषद इस तरह की मानसिकता का पुरजोर विरोध करती है और मांग करती है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
धरना-प्रदर्शन की प्रमुख मांगें—
1. प्रदेश में शिक्षा को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती बनाया जाए।
2. SPU मंडी का दायरा जल्द ही बढ़ाया जाए।
3. सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में चल रही B.ED की कक्षाओं को रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण।
4. विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जाए।
5. छात्रावासों, पुस्तकालयों और खेल सुविधाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण किया जाए।
6. हिंसा की घटनाओं में संलिप्त दोषियों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
7. विश्वविद्यालय परिसर में भयमुक्त, सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जिला शिमला यह स्पष्ट करती है कि संगठन सदैव छात्र हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि रचनात्मक समाधान और सकारात्मक परिवर्तन है।




