लंबित कार्यों में तेजी लाएं, ई-केवाईसी एक सप्ताह में पूरी करें - अपूर्व देवगन
उपायुक्त ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में प्रगति संतोषजनक नहीं रही तो इसकी दैनिक निगरानी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को समय पर रोजगार व भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
मनरेगा में जिला का बेहतर प्रदर्शन
उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा कार्यों को पूरा करने में मंडी जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। वर्तमान में जिला में मनरेगा के अंतर्गत 9396 कार्य प्रगति पर हैं। जिले में 306887 पंजीकृत श्रमिकों में से 264344 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जो 86.15 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि 66.49 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 59.80 लाख मानव दिवस अर्जित किए गए हैं, जो 89.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाता है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी कार्य विभागीय स्तर पर किए जा रहे हैं, उन्हें भी पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें, ताकि उनकी सही समीक्षा की जा सके।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर समन्वय के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग के दृष्टिगत गर्मियों के मौसम में सिंगल यूज प्लास्टिक का समय पर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसे सड़क निर्माण में उपयोग के लिए उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ इस कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक तथा जिले के सभी खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।





