ग़रीब कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री

ग़रीब कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता : उपमुख्यमंत्री
ऊना, 27 फरवरी.
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। ऊना जिले में बीते डेढ़ वर्ष के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर 186 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे 70 हजार से अधिक पात्र परिवारों को सीधा लाभ पहुंचा है।
वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार ऊना में आयोजित जिला कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, समिति के गैर-सरकारी सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2024-25 में 121 करोड़ रुपये तथा चालू वित्त वर्ष में अब तक 64.65 करोड़ रुपये व्यय कर 70 हजार से अधिक लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है।
वर्तमान वित्त वर्ष में वृद्धावस्था पेंशन के तहत 44,818 लाभार्थियों को 41.97 करोड़ रुपये वितरित किए गए। विधवा पेंशन के अंतर्गत 9,412 महिलाओं को 8.98 करोड़ रुपये तथा 6,065 दिव्यांगजनों को दिव्यांग राहत भत्ते के रूप में 5.7 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। 
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 5,451 पात्र महिलाओं को 5.17 करोड़ रुपये तथा इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 2,055 महिलाओं को 1.9 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।
सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 76 दंपत्तियों को 38 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। अत्याचार से पीड़ित 32 व्यक्तियों को 12.75 लाख रुपये की राहत प्रदान की गई।
कौशल विकास के क्षेत्र में 162 युवाओं को कंप्यूटर एप्लीकेशन योजना के तहत 79.73 लाख रुपये का कौशल विकास भत्ता दिया गया। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 11 लाभार्थियों को 1.41 लाख रुपये तथा दिव्यांग विवाह अनुदान योजना के तहत 7 दंपत्तियों को 2.75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 26 एससी, एसटी एवं ओबीसी परिवारों को गृह अनुदान योजना के तहत 8.25 लाख रुपये की सहायता दी गई।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की भावना से जुड़ी संवेदनशील पहल हैं।
विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को उठाते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया। उपायुक्त जतिन लाल ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला कल्याण अधिकारी आवास पंडित ने विभागीय योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, वरिष्ठ नेता रणजीत राणा, जल प्रबंधन बोर्ड सदस्य पवन ठाकुर, राज्य परिवहन निगम सदस्य विवेक मिंका, मेहताब ठाकुर सहित अन्य गैर-सरकारी सदस्य, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा तथा जिले के सभी एसडीएम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।