नाहन : ब्रह्मलीन महान तपोनिष्ठ सुन्दरमुनि निर्वाण की 32 वी पुण्य तिथि पर संत समाज ने दी भाव- भीनी श्रद्धांजलि
अक्स न्यूज लाइन नाहन 10 मार्च :
तीर्थ श्री रेणुकाजी के प्राचीन आदि उदासीन बड़ा अखाड़ा निर्वाण आश्रम में मंगलवार को महान तपोनिष्ठ ब्रह्मलीन सुन्दरमुनि निर्वाण जी की 32 वी पुण्य तिथि अवसर पर सन्त समाज ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सुन्दरमुनि निर्वाण को देश प्रदेश से सन्त समाज, अनुयायी श्री रेणुकाजी में पहुंचे। वंही यंहा संत समागम इस अवसर पर आयोजित हुआ। जबकि विशाल भंडारा इस उपलक्ष्य पर अनवरत चला। इससे पूर्व निर्वाण आश्रम के महंत रेनरेंद्र मुनि महाराज के सानिध्य में निर्वाण आश्रम में श्री मद्भगवाद कथा ज्ञान यज्ञ पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। जोकि कथा ब्यास मोहन चन्द्र त्रिपाठी के मुखारविंद से 03 मार्च से 10 मार्च तक आयोजित हुई। सन्त समाज ने इस दौरान श्रद्धालुओं, शिष्यों व समाज को सयुंक्त रूप से सन्देश देते हुए कहा कि, तीर्थ व गुरु का सेवा ,सुमिरन ही जीवन का आधार है। यही वह मूलमंत्र है जोकि व्यक्ति को कंही से कंही पहुंचा देते है। लिहाजा तीर्थ के सन्त गुरु महाराज की सेवा और उत्थान में अपनी यथा क्षमता के अनुसार सेवा अवश्य करें।
इस अवसर पर महंत रणेंद्रमुनि महाराज ने देश-प्रदेश के प्रमुख सभी संतों- महंतों जिनमे महंत सेवादास, अमर दास, सुयज्ञमुनि, महामंडलेश्वर जगदीश दास महाराज, कमलदास महाराज, संत शांतिलाल, जयेन्द्र मुनि, सुशान्त मुनि,हनुमानदास,बलवंत दास, दामोदर दास व गोविंद मुनि महाराज इत्यादि का तीर्थ आश्रम पहुंचने पर स्वागत किया। संतो ने इस अवसर पर कहा कि श्री रेणुकाजी के निर्वाण आश्रम मेँ महान संत ब्रह्मलीन सुन्दरमुनि निर्वाण ने 80 वर्ष के लगभग तप, बल से इस स्थल को अध्यात्म व भक्ति, सेवा का आकर्षण स्थल के रूप में विकसित किया है। जंहा लगातर संत समागम से आने वाले भक्त, श्रद्धालु ज्ञान गंगा में बह रहा है। उन्होंने कहा कि श्री रेणुकाजी तीर्थ में संत आश्रम धार्मिक पर्यटन के मुख्य स्रोत है।




