सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से बदल रही कुल्लू के बागवानों की तकदीर

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से बदल रही कुल्लू के बागवानों की तकदीर
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 अक्स न्यूज लाइन कुल्लू  20 जून :
कुल्लू, हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है। सेब के अलावा प्लम (आलूबुखारा) की खेती भी जिले के हजारों किसानों और बागवानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभरी है। इन दिनों कुल्लू जिला से प्लम की खेप विभिन्न मंडियों में पहुंच रही है और फलों के अच्छे दाम मिलने से बागवानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं।
    बंजार उपमंडल के प्रगतिशील बागवान तारा चंद ठाकुर ने लगभग 600 प्लम के पौधे लगाए हैं। सरकार की सहायता से सोलर लिफ्ट सिंचाई प्रणाली उपलब्ध हुई, जिसके माध्यम से उनके खेतों और बागीचों तक नियमित रूप से पानी पहुंच रहा है। सिंचाई सुविधा मिलने से पौधों की वृद्धि बेहतर हुई है और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। तारा चंद ठाकुर का कहना है कि पहले पानी की कमी के कारण खेती और बागवानी करना कठिन था, लेकिन अब सरकारी सहयोग से उनकी आय बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
    ज़िला में तारा चंद ठाकुर जैसे हजारों किसान और बागवान आज सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। जिले में प्लम की प्रमुख किस्मों में सैंटा रोजा, मैरी पोजा, ब्लैक हैमर तथा फ्रन्टियर शामिल हैं। इन किस्मों के फलों की गुणवत्ता और स्वाद के कारण बाजार में अच्छी मांग बनी रहती है। जिला कुल्लू में लगभग 2270 हेक्टेयर क्षेत्र में प्लम की खेती की जा रही है , जिसमे प्रतिवर्ष लगभग 7875 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त हो रहा है। यह उत्पादन न केवल स्थानीय किसानों की आय बढ़ा रहा है बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
   प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आज हजारों किसान और बागवान उठा रहे हैं। सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श, उन्नत पौध सामग्री, सिंचाई सुविधाएं, कृषि एवं बागवानी उपकरणों पर अनुदान तथा विपणन संबंधी सहयोग उपलब्ध करवा रही है। इसके अतिरिक्त नए बागीचों की स्थापना के लिए भी किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक किसान फलोत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
  बदलते जलवायु परिदृश्य में सिंचाई की उपलब्धता बागवानी की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बन गई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियां (सोलर लिफ्ट सिस्टम) स्थापित करने में सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। 
    सरकार के सहयोग से आधुनिक तकनीकों के प्रयोग, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, बेहतर सिंचाई व्यवस्था तथा बाजार तक आसान पहुंच ने ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं। परिणामस्वरूप बागवानी केवल एक पारंपरिक व्यवसाय न रहकर एक लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित हो रही है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य किसानों और बागवानों की आय में निरंतर वृद्धि करना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। इसी दिशा में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। आज कुल्लू के अनेक गांवों में बागवानी विकास की नई कहानी लिख रही है और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन रहे हैं।
   कुल्लू की घाटियों में लहलहाते प्लम के बाग केवल फलों का उत्पादन ही नहीं कर रहे, बल्कि वे ग्रामीण समृद्धि, आत्मनिर्भरता और विकास के प्रतीक बन चुके हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और किसानों की मेहनत के संगम से जिले में खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा रहा है।