ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब घरों से होगा प्लास्टिक कचरे का संग्रहण

उन्होंने बताया कि पंचायतों ने अपने स्तर पर कचरा प्रबंधकों के साथ एक वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किए हैं और प्लास्टिक कचरा संग्रहण गतिविधि के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान (स्वच्छता घटक निधि) को रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के तहत कुल 40 लाख रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा धर्मशाला पंचायत समिति के सभी सदस्यों द्वारा 5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्यों द्वारा 6 लाख 50 हजार रुपये 2025-26 में प्लास्टिक कचरा संग्रहण गतिविधि के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान में से रखे गए हैं।
पंचायतों से एकत्रित किया जाएगा स्वच्छता शुल्क
बकौल डीसी, पंचायतों में घरों से कचरा संग्रहण और स्वच्छता के लिए सभी पंचायतों में मासिक आधार पर स्वच्छता शुल्क के रूप में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये एकत्र किए जाएंगे। स्वच्छता शुल्क की राशि अलग-अलग रहेगी, जिसमें प्रत्येक घरों से आम तौर पर 50 रुपये, दुकानों से 100-250 रुपये, होटल, रेस्तरां, होम स्टे से 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जाता है, जो कचरे की मात्रा पर निर्भर करेगा।
साफ होंगे हॉटस्पॉट, स्वच्छता पर रहेगा जोर
हेमराज बैरवा ने बताया कि विकास खंड धर्मशाला की सभी 27 पंचायतों में वार्ड/गांव वार सर्वेक्षण करके विस्तृत योजना तैयार की गई है और ग्राम पंचायत रक्कड़, कनेड और पद्दर में प्लास्टिक कचरे का क्लस्टर स्तर पर प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही इस माह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और 15वें वित्त आयोग के फंड के कन्वर्जेंस से पंचायतों में सभी कचरा हॉटस्पॉट को साफ करेन के पश्चात क्षेत्र की बाड़बंदी की जाएगी ताकि इन हॉटस्पॉट को पूरी तरह से हटा दिया जाए।
उन्होंने बताया कि हाल ही में पंचायत क्षेत्र में शामिल योल कैंट को भी इस अपशिष्ट प्रबंधन योजना में शामिल किया जा रहा है। हाल ही में ग्राम पंचायत रक्कड़ द्वारा योल क्षेत्र में मानेकशॉ द्वार के पास एक कचरा हॉटस्पॉट को साफ किया गया था, इसके बाद क्षेत्र को बाड़ लगा दिया गया। उन्होंने बताया कि अब इस क्षेत्र में बेंच, पानी की टंकी और फूलों के गमले लगाकर एक छोटा सा सार्वजनिक पार्क बनाया गया है।
सीसीटीवी कैमरे होंगे स्थापित, गंदगी फैलाने वालों पर होगा जुर्माना
उपायुक्त ने बताया कि धर्मशाला विकास खंड की ग्राम पंचायतों ने फैसला लिया है कि पंचायत क्षेत्र में कचरा फैलाते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर प्रदूषण करने वाला बार-बार पकड़ा जाता है तो राशि बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट के पास विभिन्न पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत तंगरोटी खास ने एक कैमरा लगाया है। जिसके सहयोग से दो उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगा उनसे दो हजार रुपये वसूले गये हैं। उन्होंने बताया कि नदी/खड्डों में राहगीरों द्वारा प्लास्टिक कचरा फेंकने की रोकथाम के लिए, ग्राम पंचायतें पुलों के पास के क्षेत्र में बाड़ लगा रही हैं ताकि पानी को साफ रखा जा सके। उन्होंने बताया कि जल निकायों में कचरा डालते हुए देखे जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
पर्यटकों की अधिक आवाजाही वाली पंचायतों में चलेंगे जागरुकता कार्यक्रम
डीसी ने बताया कि ग्राम पंचायत टऊ, जूहल, सौकणी दा कोट, रक्कड़ जैसी भारी पर्यटक आवाजाही वाली पंचायतों में धौलाधार क्लीनर्स, वेस्ट वॉरियर्स जैसे एनजीओ के साथ मिलकर जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके तहत क्षेत्र के निवासियों, होटलों, होम स्टे मालिकों और अन्य हितधारकों के बीच प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और नदियों, पहाड़ी ढलानों आदि में इसे खुले में फेंकने पर इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।