मुख्यमंत्री ने एचपीएमसी को सेब खरीद के लिए समुचित व्यवस्था करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीएमसी ने वर्ष 2025 में एमआईएस के तहत रिकॉर्ड 98,540 मीट्रिक टन सेब की खरीद सुनिश्चित की थी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष एचपीएमसी ने ही पूर्ण रूप से एमआईएस के तहत सेब खरीद सुनिश्चित की थी जबकि इससे पूर्व हिमफेड भी खरीद प्रक्रिया में शामिल रहता था। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से यह दायित्व केवल एचपीएमसी को सौंपा है और भविष्य में भी यही व्यवस्था जारी रहेगी।
उन्होंने बागवानों की सुविधा के लिए एचपीएमसी की कार्यप्रणाली के डिजिटलीकरण पर भी बल देते हुए कहा कि अगले खरीद सीजन से पूरी खरीद प्रक्रिया और डेटा का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और बागवान लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादकों के हितों को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू करने सहित अनेक बागवान हितैषी कदम उठाए हैं। सरकार के इन कदमों से बागवानों को उनकी मेहनत के बेहतर दाम मिल रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एमआईएस के तहत बागवानों के बकाया भुगतान को चुकाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि जारी की है। बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव बागवानी सी. पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव डी.सी. राणा, निदेशक डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस डॉ. निपुण जिंदल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








