अक्स न्यूज लाइन नाहन 8 मार्च :
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के निर्देशानुसार अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में शिक्षकों के लिए “तनाव प्रबंधन (Stress Management)” विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को वर्तमान समय में बढ़ते कार्यभार और व्यस्त जीवनशैली के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने तथा तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
कार्यशाला में मुख्य संसाधन व्यक्तियों के रूप में मंदीप कौर एवं अराधना ठाकुर उपस्थित रहीं। दोनों संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से शिक्षकों को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।
मंदीप कौर अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर हैं तथा उन्हें शिक्षण क्षेत्र में लगभग 12 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। वे केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विभिन्न क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों का संचालन कर चुकी हैं और शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं।
अराधना ठाकुर (M.A. History, B.Ed.) को शिक्षण क्षेत्र में 11 वर्षों का अनुभव है। वे केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की संसाधन व्यक्ति (Resource Person) तथा विद्यालय प्रशिक्षण नोडल समन्वयक (STNC) के रूप में भी कार्य कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न शैक्षिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल संचालन किया है।
कार्यशाला के दौरान दोनों संसाधन व्यक्तियों ने शिक्षकों को तनाव के प्रमुख कारणों, उसके शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों तथा उससे निपटने के व्यावहारिक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और व्यस्त जीवन में तनाव एक सामान्य समस्या बनती जा रही है, विशेषकर शिक्षण जैसे उत्तरदायित्वपूर्ण पेशे में कार्यरत व्यक्तियों के लिए इसे संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है।
सत्र के दौरान शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों, संवादात्मक चर्चाओं तथा समूह कार्यों के माध्यम से तनाव प्रबंधन के प्रभावी तरीकों से अवगत कराया गया। संसाधन व्यक्तियों ने सकारात्मक सोच विकसित करने, समय प्रबंधन को बेहतर बनाने, संतुलित दिनचर्या अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि यदि शिक्षक स्वयं मानसिक रूप से संतुलित, प्रसन्न और तनावमुक्त रहेंगे तो वे विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रेरणादायक वातावरण तैयार कर सकेंगे और शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बना पाएंगे।
विद्यालय की निदेशक एवं प्रधानाचार्या देविंदर कौर साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सकारात्मक मानसिक स्थिति ही उत्कृष्ट शिक्षण की आधारशिला होती है तथा ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस कार्यशाला में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध यमुनानगर, अम्बाला तथा अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन के शिक्षकों सहित लगभग 60 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया।
अंत में विद्यालय के चेयरमैन श्री अनिल जैन एवं महासचिव श्री सचिन जैन ने अपने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि शिक्षकों का मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य विद्यालय की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक तनावमुक्त और सकारात्मक वातावरण में कार्य करते हैं, तब वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान कर पाते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी विद्यालय की ओर से शिक्षकों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।