दुर्लभ कैंसर के इलाज को पुरुषों के बच्चे दानी का ऑपरेशन बताना निंदनीय और शर्मनाक : जयराम ठाकुर
मुख्यमंत्री जिन पुरुषों के बच्चेदानी निकालने का जिक्र कर रहे हैं। उन चार कैंसर पीड़ितों में एक 71 साल के बुजुर्ग और एक 12 साल का बच्चा भी है। दो अन्य पुरुष 50 और 37 आयु वर्ग के हैं। हिम केयर के पैकेज एम 0003 के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल 'सीटी फॉर सीए ओवरी' में जिस दवा के कॉम्बिनेशन इस्तेमाल होती है उसका नाम 'लाइपो डॉक्स और कार्बोप्लैटिन' इसके कई डोज मरीज को लगाने पड़ते हैं। सभी चारों मरीजों पर क्रमशः 17200 रुपए,17200 रुपए, 19 हजार और 14400 रुपए हैं। यानी कुल लागत 67800 रुपए आई है। इनमें से किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं हुआ और न ही किसी की कोई बच्चेदानी निकाली गई। सिर्फ जानलेवा कैंसर का ईलाज हुआ। मेरी जानकारी के अनुसार ईश्वर की कृपा से सभी मरीज स्वस्थ्य हैं। हिम केयर के तहत उनका इलाज हुआ उन्हें नया जीवन मिला, इसकी मुझे निजी तौर पर बहुत खुशी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि "लाइपोडॉक्स एंड कार्बो प्लैटिन" दवा का यह कांबिनेशन लंग्स कैंसर में, यूरिनरी ब्लैडर कैंसर, टेस्टिकुलर कैंसर में, एड्स से सम्बन्धित सारकोमा में मेल ब्रेस्ट कैंसर, हार्मोन रिफ्रेक्टरी प्रोस्ट्रेट कैंसर, सिर और गर्दन के कैंसर इलाज में भी इस्तेमाल होता है। हिम केयर में आयुष्मान में लगभग 4000 से बीमारियों के लिए पैकेज है लेकिन वे दुर्लभ कैंसर जिनके इलाज का प्रोटोकॉल चिकित्सा विज्ञान में बहुत स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वह पैकेज हिम केयर और आयुष्मान और अन्य योजनाओं में सूचीबद्ध नहीं है। ऐसे में उन दुर्लभ कैंसर के इलाज के लिए सभी में से डॉक्टर एक पैकेज बुक कर देते हैं जिससे उनका इलाज होता है। इस इलाज को मुख्यमंत्री पुरुषों की बच्चेदानी निकाल देने की अफवाह उड़ा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ये विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हुआ है और मुख्यमंत्री कुछ चाटुकार दागी अफसरों के कहने पर ऐसी बयानबाजी कर हंसी का पात्र बन गए हैं। मुख्यमंत्री इस माननीय सदन से प्रदेश की जनता से माफी मांगे। जिन्होंने सिर्फ राजनीतिक मकसद से भाजपा सरकार के समय की बहुत लोकप्रिय योजना को बदनाम कर सनसनी फैलाना चाहते हैं जिसमें वे अब बेनकाब हुए हैं।





