केंद्रीय विद्यालय में 28.45 लाख रुपये के व्यय को दी मंजूरी

जिलाधीश ने कहा कि पीएमश्री की राशि का सदुपयोग होना चाहिए तथा सभी निर्माण कार्य एवं आवश्यक सामग्री की खरीद निर्धारित नियमों के तहत ही होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालय परिसर में सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन को शिफ्ट करने और सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए बिजली बोर्ड तथा हिमऊर्जा के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर से गुजरने वाली एचआरटीसी बस का समय विद्यार्थियों की सुविधा के अनुरूप तय किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग किशोरी छात्राओं को सेनेटरी पैड की सुविधा प्रदान करेगा और स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगा।
विद्यालय के लिए भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के दौरान जिलाधीश ने कहा कि बालवाटिका-1, बालवाटिका-2, जूनियर साइंस लैब, अतिरिक्त क्लास रूम, गार्ड रूम, एनसीसी रूम, फुटपाथ, ऑडिटोरियम और स्टेडियम इत्यादि के निर्माण के लिए सीपीडब्ल्यूडी की मदद से एक व्यापक प्लान बनाया जाना चाहिए और इनके निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से करवाए जाने चाहिए, ताकि जहां-तहां भवन निर्माण के बजाय एक संयुक्त ब्लॉक में ही सभी सुविधाओं का प्रावधान हो सके। बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की गई।
विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए जिलाधीश ने कहा कि केवीएस के गुरुग्राम जोन के अंतर्गत आने वाले कुल 63 केंद्रीय विद्यालयों में हमीरपुर का केंद्रीय विद्यालय तीसरे स्थान पर है। इसके लिए विद्यालय के सभी शिक्षक बधाई के पात्र हैं। उपायुक्त ने सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों अरविंद कुमार, संजीव कुमार, नीनू बाला, राजेश पराशर, अरुण सिंह, नरेंद्र कुमार, कृष्णा, डेकिट जामगो, प्रभिता खट्टा और डीके दरोच को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजय कुमार ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। बैठक में एसडीएम संजीत सिंह, सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक डॉ. एमआर चौहान, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती, अन्य अधिकारियों तथा वीएमसी के सदस्यों ने भाग लिया।