हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों ने पोर्ट ब्लेयर में कृषि और सौर ऊर्जा की प्रगति देखी
श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) स्थित सेंट्रल आइलैंड एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CIARI) देश का एकमात्र ऐसा राष्ट्रीय संस्थान है जो विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय द्वीप पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है। 1978 में स्थापित यह संस्थान अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है।
संस्थान के निदेशक डॉ जयसुंदर ने हिमाचल प्रदेश के मीडिया कर्मियों को बताया कि उनके संस्थान ने अब तक 45 उच्च उपज वाली फसल किस्में विकसित की हैं, जिनमें नारियल, चावल, दालें, नोनी, शकरकंद, पत्तेदार सब्जियां, बैंगन, मशरूम आदि शामिल हैं। हाल ही में (जनवरी 2026) में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्र को समर्पित 148 नई फसल किस्मों में CIARI की 7 प्रमुख किस्में शामिल की गईं थी।
उन्होंने जानकारी दी कि CIARI ने छोटे-छोटे द्वीपीय खेतों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम मॉडल विकसित किए हैं, जो नारियल-आधारित प्लांटेशन में फसल, पशुधन, मत्स्य पालन और बागवानी को एकीकृत करते हैं। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, अपशिष्ट रीसाइक्लिंग और बाहरी इनपुट पर निर्भरता में कमी आई है।
एक सवाल के जवाब में डॉ जयसुंदर ने बताया कि संस्थान द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण से अब तक 25 हजार से ज्यादा किसान लाभान्वित हुए हैं । उन्होंने बताया कि CIARI के नेतृत्व में संस्थान विकसित भारत @2047 के विजन से जुड़कर जीनोमिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, डिजिटल कृषि और जलवायु-स्मार्ट प्रणालियों पर फोकस कर रहा है। CIARI अंडमान-निकोबार को विश्व स्तर पर उष्णकटिबंधीय द्वीप कृषि का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
पत्रकारों के दल ने यहां सोलर एनर्जी को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखा। यहां एनएलसी इंडिया के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर श्री पंडियाराजन ने बताया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के तहत विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाएं द्वीपों को हरा-भरा बनाने और महंगे डीज़ल फ्यूल पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कई सौर ऊर्जा परियोजनाएं हैं। यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना पर भी तेजी से अमल हो रहा है। मीडिया टीम अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के भ्रमण के बाद आज वापस आ गई है।




