आरएच ऊना में रेड रिबन क्लबों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
इसके अतिरिक्त एचआईवी/एड्स के प्रसार से बचाव के उपायों, स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी की समस्या की रोकथाम, जीवन कौशल तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने 1097 नि:शुल्क हेल्पलाइन तथा एनएसीओ/एचपीएसएसीएस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी।
सीएमओ ने बताया कि जिला ऊना में टीबी नियंत्रण के लिए बेहतर कार्य किया जा रहा है। इससे टीबी के मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो रहा है तथा रोग की दर में भी कमी आई है।
29 मार्च व 5 और 12 अप्रैल को होगा एचपीवी टीकाकरण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का यू-विन पोर्टल पर शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को आयोजित होने वाले टीकाकरण दिवसों पर पात्र बालिकाओं को समय पर टीका लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 27 स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण किया जाएगा, जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीकरण तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में चार प्रसवपूर्व जांचें की जाती थी जिसे विंग्स स्केल प्रोजेक्ट के तहत 8 प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
इस मौके पर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर, जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, आईसीटीसी काउंसलर रीता वर्मा, बीसीसी समन्वयक कंचन माला तथा जिला समन्वयक दीपक चब्बा, एआरटीएमओ डॉ. प्रशांत वर्मा सहित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागी उपस्थित रहे।




