272 बेसहारा पशु का था लक्ष्य, अभी तक 472 पहुंचाए जा चुके गौसदनों में - अनुपम कश्यप
उपायुक्त ने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है, इन्हें बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। जिन भी लोगों ने अपने पशु छोड़े है उनसे मेरी विनम्र अपील है कि अपने पशुओं को वापिस ले जाएं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में बेसहारा पशुओं की जान जाने का खतरा भी रहता है। लेकिन लोगों ने देखा कि जिला प्रशासन ने बेसहारा पशुओं को रेस्क्यू करना शुरू कर दिया है तो जिला भर में लोगों ने इन्हें छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई अपना पशु छोड़ता है तो इसकी सूचना उपायुक्त कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पशु पालन विभाग के अधिकार क्षेत्र के अनुसार शिमला शहर से 05 बेसहारा गौसदन सुन्नी और गौसदन टुटू में पहुँचाए गए। ठियोग से 118 बेसहारा पशुओं को छैला, मतियाना, शिलारू, कोटखाई, कलबोग से रेस्कयू करके घुंड बलसन वासी गौसदन बलघर, श्री कृष्णा गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ़ पहुंचाया गया। ज्यूरी क्षेत्र के आधीन 175 बेसहारा पशुओं को नारकंडा, ओडी, ज्यूरी, कंडयाली, तकलेच, पिपटी, बधाल, नगर परिषद रामपुर, कुमारसैन क्षेत्र से रेस्कयू करके ज्यूरी के विभिन्न गौसदनों, श्री कृष्ण गौशाला मल्कू माजरा बददी और हांडा कुंडी कैटल सेंन्चुरी नालागढ जिला सोलन पहुंचाया गया। रोहड़ू क्षेत्र से 51 बेसहारा पशुओं को नगर परिषद रोहड़ू, मेंहदली, समाला, हाटकोटी, जुब्बल क्षेत्र से रेस्कूय करके रोहड़ू के गौसदन में छोड़ा गया। चौपाल क्षेत्र से 123 बेसहारा पशुओं को नेरवा बाजार और चैपाल क्षेत्र से रेस्कयू करके विभिन्न गौसदनों में छोड़ा गया।





