सूरते हाल....... ज्वंलत समस्याओं के प्रति सिस्टम बेपरवाह बना.......

सूरते हाल.......  ज्वंलत समस्याओं के प्रति सिस्टम बेपरवाह बना.......

  अक्स न्यूज लाइन ..नाहन 01 मई -  2023
जिला मुख्यालय में लंबे अरसे से सिस्टम लोगों की समस्याओं के प्रति बेपरवाह बना है। जिला मुख्यालय में कई विभागों की अनदेखी के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अनदेखी के चलते पैदा हुई समस्याओं को निपटाने के मामले में संबंधित विभाग बेखबर हैं। आरोप है कि जिला प्रशासन  संबंधित विभागों पर नकेल कसने नाकाम रहा है। एसे में शहर में कई ज्वंलत समस्याऐं ज्यों की त्यों बनी है। 
सड़कों की खुदाई के बाद मुरम्मत नही
 आईपीएच विभाग ने कई जगह से शहर में सड़कों की खुदाई की है। लीकेज की मुरम्मत करने के बाद विभाग के कर्मचारी सड़क पर खडडों को खुला ही छोड़ कर चले जाते हैं या फि र आसपास मलबा छोड़ देते हैं ऐसे वाहनों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दम तोड़ती सफाई व्यवस्था
 शहर के कई हिस्सों में सफ ाई व्यवस्था में दम तोड़ती नजर आ रही है। प्रमुख स्थानों पर लोग नियमों को ताक पर रखकर दिन रात खुले में अपने घरों से निकलने वाले कचरा डाल रहे हैं। ऐसे लोगों पर नगर परिषद गारबेज एक्ट के तहत कार्रवाई करने नाकाम रही है। इसी कड़ी में लोग घरों की मुरम्मत करने के निकलने वाले मलबे को सीमेंट के थैलों में भरकर गलियों व सड़कों के किनारे छोड रहे है। नप प्रशासन का ऐसे लोगों पर कोई बस नही चलता। 
महिमा लाइब्रेरी परिसर मेंवाटर एटीएम बना शो पीस 
महिमा लाइब्रेरी परिसर में आईपीएस विभाग द्वारा लगाया गया वाटर एटीएम शो पीस बना है। यह वाटर एटीएम महिमा लाइब्रेरी में आने वाले छात्रों अन्य लोगों के लिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए लगाया गया था। लेकिन वर्तमान में इस एटीएम से पानी की बूंद भी नहीं रही है शो पीस बना है। 
बीएसएनल के पोल निजी कंपनियों के क ब्जे में  
 शहर में बीएसएनल के सड़कों के किनारे लगे पोल निजी कंपनियों ने क ब्जा कर लिया है।  प्राइवेट कंपनियों ने इन खंबों पर अपनी केबल व जैंकशन बाक्स एक पोल भारी संख्या में फिट कर दिए है। मिली जानकारी के अनुसार बीएसएनल के अधिकारियों ने इन कंपनियों का अभी तक कोई नोटिस तक नहीं दिया। इन खंबों पर केबल बांधकर कब्जा किया गया है। गलियों में सड़कों में के बल के जाल बने है। कई जगह तो केबल इतनी नीची है कि पैदल चलने वाले के  सिर में लगती है। ऐसे लोगों को पेश आ रही समस्या से सिस्टम बेखबर है और सत्तासुख भोग रहे नेता विकास और समस्याओं के निदान को लेकर खुद अपनी पीठ थपथपाने लगे है।