अक्स न्यूज लाइन ऊना 20 फरवरी :
बेटी के विवाह जैसे भावनात्मक और जिम्मेदारी भरे अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार का ‘खुशियों का शगुन’ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकार की संवेदनशील प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री शगुन योजना ऐसे परिवारों को गरिमापूर्ण सहयोग प्रदान करने और बेटियों के सुखद भविष्य के लिए शुभ आशीष देने को समर्पित है।
इसके अंतर्गत बीपीएल परिवारों की पात्र बेटियों को विवाह के अवसर पर 31,000 रुपये की राशि ‘शगुन’ के रूप में प्रदान की जाती है।
योजना के तहत बीते तीन वर्षों के दौरान ऊना जिले में 451 पात्र लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 39 लाख 81 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह योजना निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ रूप से संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की सामाजिक गरिमा को सशक्त आधार देना भी है। शगुन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और त्वरित लाभ सुनिश्चित होता है।
ऊना के जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री शगुन योजना जिले में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा रही है। बीते तीन वर्षों के दौरान योजना के अंतर्गत 451 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 39 लाख 81 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। वित्त वर्ष 2023-24 में 160 लाभार्थियों को 49 लाख 60 हजार रुपये तथा वर्ष 2024-25 में 228 लाभार्थियों को 70 लाख 68 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान अब तक 63 लाभार्थियों को 19 लाख 53 हजार रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत प्रदान की जा चुकी है।
*योजना का प्रभावी क्रियान्वयन*
उपायुक्त ऊना जतिन लाल का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुरूप जिला प्रशासन योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर रहा है। प्रशासन पात्र परिवारों को सरल प्रक्रिया के माध्यम से लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
*ये हैं पात्रता के मानदंड और आवेदन प्रक्रिया*
जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री शगुन योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं बीपीएल परिवारों की पात्र बेटियों के विवाह में वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है। लाभ प्राप्त करने के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है तथा वह हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
योजना का लाभ लेने के लिए विवाह से दो महीने पूर्व से लेकर विवाह के छह माह के भीतर आवेदन किया जा सकता है। स्वीकृत धनराशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। इस योजना के लिए लड़की के माता-पिता, अभिभावक अथवा स्वयं लड़की भी आवेदन कर सकती है।
योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु लाभार्थी निकटतम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय या जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर संपर्क कर सकते हैं।