जनगणना-2027: फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां निर्धारित होती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे आगे तहसील स्तर पर भी प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करें, ताकि जनगणना का कार्य सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
यह प्रशिक्षण संयुक्त निदेशक सह नेशनल ट्रेनर, जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश, शिमला आशीष चौहान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर सुशीला और लतेश्वरी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर आगे मंडी जिले के सभी 41 चार्ज (ग्रामीण एवं शहरी) में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
आशीष चौहान ने कहा कि जनगणना के आंकड़े आम लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी है और वहां किन सुविधाओं की आवश्यकता है। इसके आधार पर सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं की बेहतर योजना बनाई जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। किसी भी व्यक्ति का नाम या पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। यह डेटा न तो कर निर्धारण के लिए और न ही किसी जांच के लिए उपयोग किया जाता है, बल्कि केवल राष्ट्र निर्माण के लिए प्रयुक्त होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जनगणना अधिकारी के आने पर सही और पूरी जानकारी प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन किया जाएगा। इसके साथ ही स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। स्व-गणना की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून तक संचालित होगी, जबकि हाउस लिस्टिंग का कार्य 16 जून से 15 जुलाई तक किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अभ्यास, रोल-प्ले, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग, डेटा सत्यापन तथा विभिन्न परिस्थितियों में संवाद कौशल पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर हिमांशु यादव डीसीओ नोडल ऑफिसर मंडी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।








