कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने ढगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का किया निरीक्षण, शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए पूर्ण धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है और निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा। संयंत्र की प्रारंभिक प्रसंस्करण क्षमता 1.50 एलएलपीडी (लाख लीटर प्रतिदिन) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3.00 एलएलपीडी तक किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संयंत्र के क्रियाशील होने से कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के लगभग 35,000 से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और रखरखाव जैसी सेवाओं में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने बताया कि इस संयंत्र में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण कर दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया और मोजरेला चीज सहित विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




