नाहन : 121 अकाल अकादमी स्कूलों के 15,024 विद्यार्थियों ने नशामुक्ति संदेश देकर रचा इतिहास... कलगीधर ट्रस्ट की तीसरी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स उपलब्धि में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका.....

नाहन  : 121 अकाल अकादमी स्कूलों के 15,024 विद्यार्थियों ने नशामुक्ति संदेश देकर रचा इतिहास... कलगीधर ट्रस्ट की तीसरी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स उपलब्धि में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका.....
Ad 5 Ad 6 Ad 9 Ad 9
Ad 6 Ad 7 Ad 9 Ad 9
Ad 6 Ad 7 Ad 9 Ad 9


 अक्स न्यूज लाइन नाहन 21 जुलाई :

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 121 अकाल अकादमी स्कूलों के 15,024 से अधिक विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत का संदेश देते हुए इतिहास रच दिया है।

विद्यार्थियों ने "WE ARE DRUG FREE" मानव आकृति (ह्यूमन फॉर्मेशन) बनाकर दि कलगीधर ट्रस्ट, बडू साहिब को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन की तीसरी मान्यता दिलाई।यह विश्व रिकॉर्ड 26 जून 2026, अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध दिवस के अवसर पर बनाया गया, जब सभी 121 अकाल अकादमी स्कूलों के विद्यार्थियों ने एक ही समय पर अपने-अपने परिसरों में "WE ARE DRUG FREE" मानव संदेश का निर्माण कर नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता और स्वस्थ जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सिरमौर जिले के निम्नलिखित अकाल अकादमी स्कूलों ने 121 स्कूलों के नेटवर्क का हिस्सा बनकर महत्वपूर्ण योगदान दिया:
अकाल अकादमी  बरू साहिब -185

इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभर के हजारों विद्यार्थियों के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को संभव बनाया।

यह अभियान बाबा इकबाल सिंह जी के उस दूरदर्शी विचार को साकार करता है, जिसमें शिक्षा को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित न रखकर चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने पर बल दिया गया है। दि कलगीधर ट्रस्ट अपने अकाल अकादमी स्कूलों के माध्यम से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक और नशामुक्त भारत के प्रेरक बनने के लिए निरंतर प्रेरित कर रहा है।

अकाल अकादमी बरू साहिब  , की प्रधानाचार्या  श्री कपिल तलवार  ने कहा, "हमें गर्व है कि सिरमौर के हमारे विद्यालय इस राष्ट्रीय उपलब्धि का हिस्सा बने। 121 अकाल अकादमी स्कूलों के साथ मिलकर हमारे विद्यार्थियों ने सिद्ध किया है कि युवा पीढ़ी नशामुक्त भारत की सबसे सशक्त प्रेरक बन सकती है।"

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाण-पत्र सभी 121 अकाल अकादमी स्कूलों में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि यह विद्यार्थियों की नशामुक्त भारत के प्रति प्रतिबद्धता का स्थायी प्रतीक बने। दि कलगीधर ट्रस्ट भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन करता रहेगा।