कांग्रेस सरकार के 3 वर्ष पूरे होने पर भाजपा का मास्टर प्लान तैयार 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में होगा ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस सरकार के 3 वर्ष पूरे होने पर भाजपा का मास्टर प्लान तैयार 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में होगा ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन

अक्स न्यूज लाइन शिमला 30 नवंबर : 
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। जहां एक ओर कांग्रेस सरकार मंडी में अपने तीन साल का जश्न मनाने जा रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा 4 दिसंबर 2025 को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में प्रदेश स्तरीय विशाल विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। इस आंदोलन की विधिवत घोषणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा पहले ही शिमला में की जा चुकी है।

इस महाविरोध प्रदर्शन के रणनीतिकार स्वयं डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन होंगे। वहीं, इस पूरे कार्यक्रम का मैदानी संचालन कांगड़ा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार को सौंपा गया है। उनके साथ भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, पवन काजल सहित कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा संगठन ने इस रैली में 10,000 से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सभी जिलाध्यक्षों एवं प्रभारी नेताओं को अपने-अपने लक्ष्य सौंप दिए गए हैं। विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी और हमीरपुर संसदीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाने की योजना बनाई गई है, जबकि शिमला संसदीय क्षेत्र को अन्य कार्यक्रमों के लिए आरक्षित रखा गया है।

बताया जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा एवं सह प्रभारी संजय टंडन की विशेष उपस्थिति भी रहेगी। भाजपा इस रैली को अब तक का सबसे बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी में जुटी है।

भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और कानून व्यवस्था होंगे प्रमुख मुद्दे

भाजपा ने कांग्रेस सरकार के विरुद्ध इस आंदोलन में जिन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है, उनमें भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन, कमजोर कानून व्यवस्था, माफिया राज और सनातन विरोधी नीतियां शामिल हैं। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान “97 प्रतिशत हिंदू विचारधारा को हराया” जैसे वक्तव्यों से कांग्रेस की मानसिकता उजागर होती है।

भाजपा चंबा, ऊना, संजौली और सिरमौर की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाएगी कि कार्रवाई केवल हिंदुओं पर की गई। पांवटा साहिब के लव जिहाद प्रकरण में पत्थरबाजों पर नहीं बल्कि आंदोलनकारी हिंदुओं पर केस दर्ज किए गए। मणिमहेश यात्रा पर ₹100 शुल्क, चूड़धार पर ₹20 से ₹200 शुल्क, चिंतपूर्णी मंदिर में हवन की राशि ₹5100 करने जैसे निर्णयों को भी भाजपा “सनातन विरोधी मानसिकता” का उदाहरण बता रही है। साथ ही 35 बड़े मंदिरों की आय पर सरकार की नजर और धार्मिक संस्थानों से सरकारी फंड की मांग को लेकर भी सरकार को घेरा जाएगा।

“हिमाचल को बेचने की मंशा” का आरोप

भाजपा कांग्रेस सरकार पर हिमाचल की संपत्तियां बेचने के गंभीर आरोप भी लगाएगी। दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्की की कगार तक पहुंचाने, 14 एचपीटीडीसी होटलों को निजी हाथों में सौंपने, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की जमीन बेचने, एचआरटीसी हमीरपुर की जमीन को फाइव स्टार होटल के लिए स्थानांतरित करने और धारा 118 में संशोधन कर बाहरी राज्यों को जमीन खरीदने की खुली छूट देने जैसे फैसलों को भाजपा “हिमाचल विरोधी” करार दे रही है।

कानून व्यवस्था और अपराध पर तेज हमला

विमल नेगी की संदिग्ध मौत, हाईकोर्ट, कचहरी और स्कूलों को बम धमकियां, पंजाब-हरियाणा में हिमाचल की बसों से तोड़फोड़, बिलासपुर गोलीकांड, चिट्टा और खनन माफिया को संरक्षण, पुलिसकर्मियों की पिटाई, ऊना-सिरमौर-मंडी में माफिया का बढ़ता प्रभाव, हमीरपुर में महिला के साथ शर्मनाक घटना, मंडी में तेजाब कांड, हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाओं को भाजपा कांग्रेस सरकार की विफल कानून व्यवस्था का प्रमाण बताएगी।

भाजपा का कहना है कि “कांग्रेस के जंगलराज के खिलाफ यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा” और प्रदेश की जनता सरकार की नीतियों का जवाब सड़कों पर देगी।


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