लाहौल-स्पीति में “नशा मुक्त सप्ताह” का शुभारंभ, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक

लाहौल-स्पीति में “नशा मुक्त सप्ताह” का शुभारंभ, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक
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अक्स न्यूज लाइन  केलांग, 19 जून :
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) के निर्देशानुसार लाहौल मंडल में “नशा मुक्त सप्ताह” के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अभियान की शुरुआत विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशामुक्ति एवं एंटी-चिट्टा शपथ दिलाकर तथा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर की गई। यह विशेष अभियान 17 जून से 26 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” रखी गई है, जबकि संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) द्वारा “Break the Cycle #StopOrganisedCrime” विषय के अंतर्गत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

अभियान के तहत आज पुलिस विभाग द्वारा पुलिस ग्राउंड केलांग में साइकिल रेस एवं दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं को उप पुलिस अधीक्षक (DSP) रश्मि शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतियोगिताओं के समापन पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशा विरोधी एवं एंटी-चिट्टा शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों एवं युवाओं ने चिट्टा सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न विद्यालयों में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति, चिट्टा विरोधी अभियान तथा स्वस्थ समाज के निर्माण से जुड़े विषयों पर आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, युवाओं की भूमिका तथा नशामुक्त समाज के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी प्रोत्साहित करना था।

जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को एंटी-चिट्टा एवं नशामुक्ति शपथ दिलाई गई तथा नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा आगामी दिनों में भी जागरूकता रैलियां, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद सत्र तथा जन-जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास सुनिश्चित किए जा सकें।

“नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” के संदेश के साथ जिला लाहौल-स्पीति में यह अभियान नशे और विशेष रूप से चिट्टा के विरुद्ध जन-जागरूकता का एक सशक्त जनआंदोलन बनता जा रहा है।