हिमाचल सरकार ने एनजेडसी की स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए
अक्स न्यूज लाइन शिमला 19 जून :
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् (एनजेडसी) की स्थायी समिति की 22वीं बैठक आज यहां आयोजित की गई, जिसमें सदस्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित विभिन्न अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत ने की। उन्होंने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् के सहयोगी राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर तथा केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के प्रतिनिधियों का बैठक में शामिल होने पर स्वागत किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् से जुड़े राज्यों के समक्ष अनेक समान चुनौतियां एवं अवसर हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर समन्वय, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा जल संसाधनों में साझेदारी, साइबर अपराध और शहरी आवास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परस्पर सहयोग के माध्यम से सभी राज्य अपने साझा उद्देेश्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में जल की हिस्सेदारी, खाद्य सुरक्षा, नदी जल साझेदारी, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सहभागी राज्य इन मामलों के समाधान के लिए व्यावहारिक एवं रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ेंगे।
के.के. पंत ने कहा कि उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की स्थायी समिति की बैठक महत्वपूर्ण मामलों पर विचार-विमर्श तथा उनके समाधान के लिए एक प्रभावी मंच है। उन्होंने कहा कि बैठक में परिषद् के सदस्य राज्यों से जुड़े असद्ये से लंबित विभिन्न मामलों एवं विवादों पर भी चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल सरकार ने बैठक में अपने प्रमुख मुद्दे भी उठाए। इनमें भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हिमाचल प्रदेश से पूर्णकालिक सदस्य की नियुक्ति के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, क्योंकि इस परियोजना में हिमाचल प्रदेश एक प्रमुख हितधारक है। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ के सेक्टर-52 में हिमाचल सदन के निर्माण के लिए भूमि आवंटन तथा संयुक्त पंजाब के उत्तराधिकारी राज्य होने के नाते उच्चतम न्यायालय के निर्णय के दृष्टिगत चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया गया।
बैठक में अवगत करवाया गया कि शिमला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूर्ण क्षेत्रीय इकाई को क्रियाशील कर दिया गया है। इस इकाई की स्थापना सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, जिससे राज्य एवं केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, सतत् अभियानों में अधिक प्रभावशीलता तथा अंतर्राज्यीय और सीमापार मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक में विभिन्न अंतर्राज्यीय विषयों से संबंधित कुल 66 एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक के उपरांत परिषद् के सदस्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें हिमाचल प्रदेश की ओर से तीन प्रस्तुतियां शामिल थीं।
बैठक में पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन कुमार चौधरी, जम्मू-कश्मीर की आयुक्त-सह-सचिव आर. एलिस वाज, लद्दाख के आयुक्त-सह-सचिव डॉ. लालटिंकुमा फ्रैंकलिन, केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद् सचिवालय (आईएससीएस) के सचिव आशीष श्रीवास्तव, सलाहकार एवं अतिरिक्त सचिव मनीष भारद्वाज तथा केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों सहित वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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