नाहन शहर में 15 भारी भरकम सूखे पेड़ कब होंगे खतरनाक घोषित..नगर परिषद की अनदेखी आड़े आ रही है..

नाहन शहर में 15 भारी भरकम सूखे पेड़ कब होंगे खतरनाक घोषित..नगर परिषद की अनदेखी आड़े आ रही है..
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अक्स न्यूज लाइन नाहन 15 जुलाई  :
 

नाहन शहर में बीचों बीच सरकारी इमारतों के पास प्रमुख सड़क के आसपास सालों से खड़े भारी भरकम सूखे पेडों को अभी तक जनमानस के लिए खतरनाक तक घोषित नही किये जा सके हैं। इसके  पीछे नगर परिषद की अनदेखी आड़े आ रही है।
आलम यह है  कि शहर में जहां जहां  सुखे पेड़ खड़े हैं वहां से लोगों और वाहनों का गुजरना जोखिम पुर्ण बना है। इन पेड़ों पर दिन रात बन्दरों के उत्पात से इनकी शाखायें नीचे गिरती रहती है। कई बार तो लोग बाल बाल बचते हैं।
 अभी तक इन खतरनाक बने इन पेड़ों को काटने के आदेश तो जारी नही हो सके हैं अलबत्ता सूखे पेड।तंग आकर खुद ही गिरने को तैयार है।

बीते साल ऐतिहासिक चौगान के किनारे लगे एक सूखे पड़े यहां आयोजित एक कार्यक्रम में आतिशबाजी चलाने से आग लग गई थी और फायर टेंडर बुलाना पड़ा था।  हाल ही में लखदाता पीर के नजदीक  पार्क में बड़ी सुखी शाखा अचानक बिजली की तारों पर आ गिरी यहां भी बड़ा हादसा टल गया क्योंकि कुछ देर पर इसके नीचे बेंच पर लोग बैठे थे जो पहले उठकर चले गए थे।
 

उधर वन नियमों के अनुसार सूखे  पेडों को काटने के साथ सम्बंधित विभागों की टीम ज्वाइंट इंस्पेक्शन करेगी रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम सेक्शन 192 के तहत ऐसे पेड़ों को जानोमाल के लिए खतरा मानकर इन पेडों को डेंजर घोषित करके के काटने के आदेश देते हैं।
 

हैरानी की बात यह है कि अभी तक सम्बंधित विभागों समेत नगर परिषद ने इस प्रक्रिया को अंजाम ही नहीं दिया। एक 15 पेडों की सूची नगर परिषद ने एसडीएम कार्यालय को भेजी है  जिसमें पेड़ों का ब्यौरा दिया गया यह बताया गया है कि काटे जाने वाले पेड़ कहां कहां खड़े है।
 

एसडीएम कार्यलय के अनुसार यह सूची अधूरी है नगर परिषद ने यह नहीं बताया कि ये पेड़ किस की मलकीयत में खड़े हैं । ताकि तभी इनके मालिकों को पेड काटने के आदेश जारी होंगें।
 

एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि नगर परिषद ने जो सूखे पेड़ काटने को लेकर सूची भेजी है वह अधूरी है। ज्वाइंट इंस्पेक्शन की रिपोर्ट के आधार पर ही सुखे पेडों को सेक्शन 192 के तहत जानोमाल के लिए खतरनाक।घोषित करना पड़ता है उसके बाद पेड़ काटने के आदेश पेड़ के वास्तविक मालिक को जारी होंगे।इस मामले में नगर परिषद व वन विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।