नाहन: पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नही, विदेश मंत्रालय के बयान पर उठे सवाल..
अक्स न्यूज लाइन नाहन 25 जून :
गुरुवार को 14 वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश के नागरिकों के जारी किए जाने वाला पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, ये सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है।
SIR से जुड़ी सुनवाई के दौरान पुर्व में सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं। विदेश मंत्रालय के इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।ऐसे में सवाल उठे है कि फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है।
पासपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसका मुख्य इस्तेमाल भारत से बाहर किसी भी देश में यात्रा करने के लिए होता है। विदेश जाने के लिए जरूरी 'वीजा' इसी पर लगता है और दूसरे देश में रहने के दौरान यही आपकी पहचान, नाम और पते का सबसे बड़ा सरकारी सबूत बनता है।
विदेश में कानूनी एंट्री करने और वहां किसी भी मुसीबत में फंसने पर भारत सरकार से मदद पाने के लिए पासपोर्ट ही सबसे जरूरी दस्तावेज है।
विदेश मंत्रालय के इस बाबत बयान पर सिटी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष आमिर खान ने आरोप लगाया कि जिस तरह के हालात आज देश के नागरिकों के सामने खड़े किए जा रहे हैं, उससे आम आदमी परेशान है।
आखिर मोदी सरकार चाहती क्या है? क्यों आज भारत की जनता को कागज़ों में उलझाकर रखा गया है? खान ने कहा कि युवाओं के लिए न पर्याप्त रोज़गार है, न कारोबार के अवसर हैं। शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर जब भी देश की जनता केन्द्र सरकार से सवाल पूछती है, तब-तब जनता को नए-नए कागज़ों और प्रक्रियाओं में उलझा दिया जाता है। आखिर कब तक देश के नागरिकों को यह साबित करना पड़ेगा कि वे भारतीय हैं?
सिटी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश के सामने असली मुद्दे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के हैं। जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।




