28 तारीख तक क्यों नहीं आई एचआरटीसी की पेंशन, मुख्यमंत्री और मंत्री के दावों का क्या हुआ : जयराम ठाकुर
जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के तुगलकी फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कमला नेहरू हॉस्पिटल से गायनी विभाग को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया। शिफ्टिंग की यह मांग न तो कमला नेहरू हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा की गई, न ही वहां के डॉक्टरों द्वारा और न ही मरीजों द्वारा। राजनीतिक जिद और विवेकहीनता में यह फैसला लिया गया। आए दिन सैकड़ों की संख्या में केंद्र पहुंचने वाली महिलाओं को सरकार के इस तुगलकी फैसले की परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोगों की तो जान पर बन आई। हाल ही में ऑपरेशन के बाद आईजीएमसी से केंद्र शिफ्ट करते हुए एक महिला के टांके खुल गए। ऐसे में कोई भी अनहोनी हो सकती थी। आईजीएमसी में न तो नया स्पेशल वार्ड तैयार है और न ही अन्य सुविधाएं हैं। अखबारों के माध्यम से हर दिन प्रदेश की महिलाओं को सरकार की जिद के चलते आईजीएमसी और केएनएच के बीच पिसना पड़ रहा है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गायनी विभाग को सिर्फ रोबोटिक सर्जरी की अपनी मशीन खरीद को औचित्य सिद्ध करने और उसे भुनाने के लिए शिफ्ट किया है। 11 मार्च से लेकर आज तक लगभग डेढ़ महीने का समय बीत जाने के बाद भी गायनी विभाग की एक भी सर्जरी रोबोट द्वारा नहीं की गई है। जो सर्जरी पहले फ्री होती थी, उस सर्जरी को रोबोट से करने के लिए सरकार द्वारा ₹30000 की फीस निर्धारित की गई है। हाल ही में सरकार द्वारा महिलाओं की मेजर सर्जरी पर 4700 रुपए का अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया है, जिसमें उनकी रोटी, मरहम-पट्टी और ऑक्सीजन जैसी आवश्यक चीजों के भी पैसे वसूले जा रहे हैं। सामान्य से सामान्य दवाइयां भी लोगों को नहीं मिल रही हैं। छोटी-छोटी जांचों के लिए भी लोगों को निजी पैथोलॉजी की शरण लेनी पड़ रही है। ऐसे में यह सवाल है कि मुख्यमंत्री इस तरह से विवेकहीन, औचित्यहीन, बिना तैयारी के फैसले लेकर प्रदेश की मातृशक्ति को परेशान करके क्या हासिल करना चाहते हैं?








