अक्स न्यूज लाइन कुल्लू, 28 मार्च :
हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II) जायका-ओडीए के तहत खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई, कुल्लू द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बजौरा में सामुदायिक प्रेरकों के लिए एक दिवसीय पीयर लर्निंग इंटरैक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला कुल्लू की 9 उप-परियोजनाओं से 16 सामुदायिक प्रेरकों (8 महिलाएं व 8 पुरुष) ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खण्ड परियोजना प्रबंधक डॉ. जयंत रत्ना ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं संसाधन व्यक्तियों का स्वागत करते हुए सामुदायिक प्रेरकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रेरक परियोजना और किसानों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, जो किसानों तक नई तकनीकों, फसल प्रबंधन, पोषण, सिंचाई और रोग नियंत्रण संबंधी जानकारी पहुंचाते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र, बजौरा के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए उर्वरकों एवं जैविक खादों के संतुलित उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया।
विषय विशेषज्ञ डॉ. राधिका नेगी ने रसायन मुक्त सब्जी उत्पादन, फसल विविधीकरण और विदेशी सब्जियों की खेती के लाभों पर जानकारी दी। वहीं डॉ. रमेश लाल (कीट विज्ञान) ने फसलों में होने वाली बीमारियों की पहचान एवं नियंत्रण उपायों के साथ लाइट ट्रैप के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र बंसल ने पशुधन प्रबंधन, गायों की बीमारियों की रोकथाम, टीकाकरण और पोषण के महत्व पर जानकारी दी। निर्माण अभियंता इंजीनियर भारत भूषण ने उप-परियोजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों, विशेषकर कुहल निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. खूब राम ठाकुर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सामुदायिक प्रेरकों को किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अंत में डॉ. जयंत रत्ना ने सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सामुदायिक प्रेरकों को अधिक सक्षम और जागरूक बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रेरकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान और परियोजना गतिविधियों की जानकारी प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई कुल्लू से कृषि अधिकारी संजय कुमार, कृषि प्रसार अधिकारी मोनिका सैनी तथा आईईसी समन्वयक युवराज भी उपस्थित रहे।