विधान सभा, लोक सभा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर : कुलदीप पठानिया
पठानिया ने कहा कि आज सत्र का तीसरा दिन है और दर्शक दीर्घा हमेशा भरी रहती है जो आश्वस्त करता है कि लोगों में संसदीय प्रणाली के प्रति अगाध विश्वास है। पठानिया ने कहा कि हमारा लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसका लोहा पूरा विश्व मानता है। पठानिया ने कहा कि हमारे देश का संविधान सर्वोच्च है जो हमें जहाँ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करवाता है वहीं हमें हमारे कर्तव्यों के बारे में सचेत करता है।
पठानिया ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि मतदान के जरिए विधान सभा के लिए हम जिन्हें चुनते हैं वह ही यहाँ सदन में बैठ सकते हैं। उन्हें ही महत्वपूर्ण चर्चाओं में भाग लेने का अधिकार है तथा जिनकी संख्या ज्यादा होती है उनकी सरकार बनती है तथा जिनकी कम होती है वह विपक्ष में बैठते हैं। पठानिया ने कहा कि जिनकी सरकार होती है उन्हीं का मुख्यमंत्री होता है तथा मंत्रिपरिषद का गठन भी उन्हीं में से होता है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के पत्रकारिता विभाग के छात्र छात्राओं ने भी माननीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद सदन की कार्यवाही को देखा। इस अवसर पर उनके साथ उप-मुख्य सचेतक हि0प्र0 सरकार केवल सिंह पठानिया, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा, विवेक शर्मा(विक्कू) तथा हि0प्र0 स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ0 राजेश शर्मा भी मौजूद थे।



