सुजानपुर टिहरा में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का भव्य एयर शो
अक्स न्यूज लाइन सुजानपुर टिहरा 11 मार्च :
ग्रुप कैप्टन रचना जोशी, प्रिंसिपल, सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा ने आज भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team – SKAT) के आगमन की पुष्टि की। यह टीम, जिसे भारतीय वायु सेना के “एम्बेसडर्स ऑफ द इंडियन एयर फोर्स” के रूप में भी जाना जाता है, अपनी अद्वितीय सटीकता, उत्कृष्ट कौशल और बेहतरीन टीमवर्क के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
लाल और सफेद रंग के आकर्षक हॉक Mk-132 जेट विमानों में उड़ान भरते हुए यह विशिष्ट टीम रोमांचकारी हवाई करतबों की श्रृंखला प्रस्तुत करेगी। इन प्रदर्शनों में मनमोहक लूप, रोमांचक बैरल रोल, गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देने वाली इनवर्टेड फ्लाइंग तथा दर्शकों की अत्यंत लोकप्रिय डीएनए मैन्यूवर जैसी अद्भुत हवाई कलाबाज़ियाँ शामिल होंगी। प्रत्येक प्रदर्शन पायलटों की असाधारण दक्षता, अनुशासन और उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक होगा।
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम चंडीगढ़ और सुजानपुर टिहरा (हिमाचल प्रदेश) के आसमान में अपने शानदार नौ-विमानों के हवाई प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करेगी।टीम द्वारा चंडीगढ़ में 27–28 मार्च को प्रतिष्ठित सुखना झील के ऊपर नौ विमानों का भव्य एरियल डिस्प्ले प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुजानपुर टिहरा में यह ऐतिहासिक प्रदर्शन 25–26 मार्च को ऐतिहासिक चौगान मैदान और सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के ऊपर आयोजित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। यह एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबेटिक टीम है और विश्व की चुनिंदा उत्कृष्ट एरोबेटिक टीमों में गिनी जाती है। इस प्रतिष्ठित टीम ने अब तक भारत के विभिन्न शहरों में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन किए हैं और चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना की पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है।
सूर्यकिरण टीम में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारत में लाइसेंस के तहत निर्मित नौ हॉक Mk-132 विमान शामिल हैं, जो उड़ान के दौरान 5 मीटर से भी कम दूरी पर अत्यंत सटीक और निकट गठन में उड़ान भरते हैं। इस टीम में कुल 14 पायलट शामिल हैं, जो उच्चतम स्तर के प्रशिक्षण और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
टीम के सभी सदस्य अपने आदर्श वाक्य “सदैव सर्वोत्तम (Sadaiva Sarvottam)” — अर्थात “हमेशा सर्वश्रेष्ठ” की भावना के साथ कार्य करते हैं।




