मुख्यमंत्री को नामी पत्रिका द्वारा भारत के सबसे प्रभावशाली 100 व्यक्तियों की सूची में शामिल किया जाना गौरव का विषय अजय सोलंकी

मुख्यमंत्री को नामी पत्रिका द्वारा भारत के सबसे प्रभावशाली 100 व्यक्तियों की सूची में शामिल किया जाना गौरव का विषय  अजय सोलंकी

 अक्स न्यूज लाइन, नाहन  01अप्रैल  :  

उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक भुवनेश्वर गौड और अजय सोलंकी ने आज यहां कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक नामी पत्रिका द्वारा भारत के सबसे प्रभावशाली 100 व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है जो कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अनाथ बच्चों, महिलाओं, संवेदनशील वर्गों के कल्याण में हरित ऊर्जा क्षेत्र में नवीन पहल सहित नशा निवारण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्य के कारण मुख्यमंत्री को इस नामी सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम शिमला के टूटीकंडी स्थित बालाश्रम का दौरा किया और अनाथ बच्चों के माता-पिता की जिम्मेवारी संभालने का संकल्प लिया। इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों, पात्र महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना तथा सुख-आश्रय कोष की शुरूआत की। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप मंे अपनाया और आज इन बच्चों को जेब खर्च, आवास सुविधा, प्रारम्भिक से लेकर उच्च स्तर तक निःशुल्क शिक्षा और विदेश भ्रमण सहित विभिन्न लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना की सफलता का लोहा मानते हुए मुख्यमंत्री को सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बच्चों, महिलाओं सहित समाज के संवेदनशील वर्गों के हितार्थ अनेक कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ की हैं। पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी महिला सुख सम्मान निधि योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से 1500 प्रतिमाह रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च प्रदेश सरकार उठा रही है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना, वृद्धजनों के लिए वृद्ध आश्रम चलाने बारे एकीकृत योजना, बेटियों को बेटों के बराबर हक प्रदान करने के लिए भूमि कानून में बदलाव और पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण सहित अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 410 करोड़ रुपये व्यय कर लगभग 8.25 लाख व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है। इस वित्तीय वर्ष सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 37 हजार नए लाभार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। हाल ही में संपन्न बजट सत्र में सरकार द्वारा बीपीएल परिवार में जन्मी दो बालिकाओं के लिए सुख सुरक्षा योजना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस वित्तीय वर्ष सामाजिक सुरक्षा, महिला, बाल एवं अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण पर 2500 करोड़ रुपये व्यय करेगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश को वर्ष 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य, वर्ष 2027 आत्मनिर्भर तथा वर्ष 2032 तक सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए कड़े निर्णय लेते हुए व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। प्रदेश में छः ग्रीन कोरीडोर स्थापित किए गए हैं, चम्बा में प्रदेश का पहला ग्रीन हाईड्रोजन मोबिलिटी स्टेशन स्थापित किया जा रहा है, बड़े स्तर पर प्रदेशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं और एचआरटीसी में डीजल बसों को इलैक्ट्रिक बसों को बदला जा रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के दूरगामी प्रभावों को सराहते हुए मुख्यमंत्री को सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने नशा माफिया पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर सम्पत्ति जब्त करने का प्रावधान किया है। बजट सत्र के दौरान चिट्टा तस्करी, नशीली दवाएं व नकली शराब बनाने या बेचने जैसे संगठित अपराध से किसी की मौत होने पर ड्रग तस्करों को फांसी या उम्रकैद की सजा का प्रावधान करने के लिए सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (निवारण एवं नियंत्रण) विधेयक पारित किया गया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ एवं नियंत्रित पदार्थ (निवारण, नशा मुक्ति और पुनर्वास) विधेयक-2025 और भी पारित किया गया है। इन विधेयकों में सजा के साथ दोषी को 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। इनमें पुनर्वास केंद्र खोलने तथा इसके लिए कोष के गठन सहित नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जाने पर कारावास व जुर्माने का प्रावधान है। सरकारी कर्मचारी यदि नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा जाता है तो विधेयक में तय सजा से डेढ़ गुणा अधिक सजा और जुर्माने का विशेष प्रावधान किया गया है।
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