अक्स न्यूज लाइन कुल्लू 23 फरवरी :
जिला कुलु में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अध्यक्ष, राज्य खाद्य आयोग डॉ. एस.पी. कत्याल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बहुउद्देशीय भवन में आयोजित इस बैठक में जिला में आवश्यक खाद्यान्न वस्तुओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, शिकायतों के निवारण तथा विभागों द्वारा क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित सभी विभागों को निर्देशित किया कि पी.डी.एस. खाद्यान्नों की सप्लाई चेन से लेकर लाभार्थियों तक वितरण के प्रत्येक स्तर पर खाद्यान्नों की गुणवत्ता और मात्रा का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उचित मूल्य की दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, मिड-डे-मील प्रदान करने वाली पाठशालाओं तथा थोक गोदामों का निरंतर निरीक्षण किया जाए, ताकि खाद्यान्नों की उपलब्धता और गुणवत्ता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्यान्न वितरण प्रणाली और सरकार की नीतिगत प्रावधानों के महत्व के बारे में उपभोक्ताओं को शिक्षित एवं जागरूक किया जाए, जिससे उपभोक्ता अपने अधिकारों और योजनाओं के महत्व को समझ सकें।
उन्होंने बंजार उप मंडल में खाद्यान्न गोदाम निर्माण के लिए उचित स्थान पर भूमि का चयन करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए की उन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध करवाएं जहां पर 3 से 6 वर्ष के बच्चे या धात्री महिलाएं नहीं है तथा इनके जियो कोऑर्डिनेट्स भी उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने शिक्षा विभाग को भूमि की उपलब्धता वाले सभी स्कूलों की जानकारी उपलब्ध करवाने तथा ऐसे सभी सकूलों में न्यूट्रीशनल गार्डन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 तथा खाद्य सुरक्षा के सभी कार्यों को अमली। जामा पहनाने के निर्देश दिए।
बैठक में सर्तकता समितियों के कार्यों एवं निरीक्षणों की भी समीक्षा की गई। बैठक के दौरान अवगत करवाया गया कि जिला में पिछले एक वर्ष के दौरान खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। विभाग द्वारा त्रैमासिक आधार पर पी.डी.एस. प्रणाली के अंतर्गत जारी किए जाने वाले खाद्यान्नों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न आबंटन संबंधी निरीक्षण किए जाते रहे हैं तथा उनकी समीक्षा भी समय-समय पर की जाती रही है।