कुपोषण मुक्त समाज निर्माण के लिए सभी विभाग करें समन्वित प्रयास: अतिरिक्त उपायुक्त

उन्होंने सभी विभागों को इसके लिए साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए, और पोषण के बारे में आम समाज के बीच जागरूकता फैलाना पर भी जोर दिया। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पोषण अभियान तभी सफल होगा जब समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से इस दौरान पोषण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इस दौरान छः वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा किशोर लड़कियों में कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। पोषण पखवाड़े में होने वाली गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने इसके व्यापक प्रचार प्रसार करने को भी कहा ताकि सभी लोग पोषण पखवाड़े में बढ़ चढ़कर भाग ले सकें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि गर्भधारण के बाद से पहले हजार दिनों तक गर्भवतीधात्री महिला और शिशु का आहार पोषण के भरपूर होना चाहिए। यदि हम पहले हजार दिन में पोषण को लेकर सजग रहे तो आगे की यात्रा आसान हो जाएगी क्यांेकि जब नींव मजबूत होती है तो आगे के विकास की चिंता करने की अधिक आवश्यकता नहीं होती है और बढ़ती उमर में बच्चों के विकास में कोई रूकावट नहीं आती।
उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों में वाद-विवाद एवं मैराथन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका मुख्य विषय पोषण रहेगा। साथ ही पोषण क्विज एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रारम्भिक शिक्षा संस्थानों में पोषण भी-पढ़ाई भी की तर्ज पर नई शिक्षा नीति के तहत नवचेतना एवं आधारशिला कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पोषण क्विज एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विद्यालयों में बच्चों को कृमिनाशक दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को खाद्य लेबल पढ़ने, मिलावट से बचने तथा जंक फूड के नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा और पीडीएस के माध्यम से आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल का वितरण बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए उद्यान एवं आयुष विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग को साथ काम करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों में प्रकृति प्रेम के साथ ही पेड़-पौधों के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) अशोक कुमार शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.के. सूद, जिला समन्वयक (पोषण अभियान) अखिल वर्मा सहित जिले से समस्त सीडीपीओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।