'मन की बात' में विकसित भारत का संकल्प, जबकि हिमाचल में कांग्रेस सरकार विकास की धारा रोकने में जुटी : कर्ण नंदा

'मन की बात' में विकसित भारत का संकल्प, जबकि हिमाचल में कांग्रेस सरकार विकास की धारा रोकने में जुटी : कर्ण नंदा
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 अक्स न्यूज लाइन शिमला 28 जून :
शिमला। संजौली विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' को सुनने के उपरांत भाजपा मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के निर्माण, जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता और सुशासन का विजन देश के सामने रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।

कर्ण नंदा ने कहा कि प्रदेश के समाचार पत्र स्वयं कांग्रेस सरकार की विफलताओं की गवाही दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के कारण प्रदेश सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि हिमाचल पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसका सीधा अर्थ है कि राज्य सरकार अपनी वित्तीय योजना और संसाधन प्रबंधन में पूरी तरह असफल रही है। यदि सरकार समय पर आवश्यक सुधार करती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। गरीब परिवारों को समय पर राशन उपलब्ध नहीं हो रहा है, कई डिपो महीनों से आवश्यक खाद्य सामग्री से खाली पड़े हैं और लोगों को खुले बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस सरकार गरीबों को राहत देने के दावे करती है, लेकिन धरातल पर जनता परेशान है।

कर्ण नंदा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शानन परियोजना पर दिए जा रहे बयान केवल राजनीतिक दिखावा हैं। यदि प्रदेश सरकार वास्तव में हिमाचल के हितों के प्रति गंभीर होती तो इतने वर्षों में इस विषय पर ठोस कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई दिखाई देती। आज प्रदेश के सामने वित्तीय संकट, बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी गति और अव्यवस्था जैसे अनेक गंभीर प्रश्न खड़े हैं, लेकिन सरकार जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार कुप्रबंधन, अव्यवस्था और केवल घोषणाओं की राजनीति तक सीमित होकर रह गई है। जनता अब सरकार की कथनी और करनी का अंतर भली-भांति समझ चुकी है।

इस अवसर पर भाजपा मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, मंडल कोषाध्यक्ष कमल सूद, मंडल कार्यकारिणी सचिव सुरेश शर्मा, मंडल प्रवक्ता गौरव सूद, वार्ड अध्यक्ष विजय शर्मा, पी.सी. राणा, तनवीर, प्रणय सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री के दौरे से गदगद हुआ बड़ा भंगाल, लोगों ने सराहे प्रयास
2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री का दौरा, पहली बार हुआ रात्रि प्रवास
अक्स न्यूज लाइन  धर्मशाला, 28 जून :
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के बड़ा भंगाल दौरे से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल का दौरा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में रात्रि प्रवास किया है। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं और दिए गए निर्देशों से बड़ा भंगाल के विकास को नई गति मिलेगी।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में रंगे नजर आए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा ‘चोला-डोरा’ धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य में भी सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। उन्होंने किसानों से राजमाह की खेती, उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा भेड़पालकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है, जिससे भेड़पालकों और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोग भी सरकार की इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना’ लागू की है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पांगी घाटी में उत्पादित जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक किशोरी लाल, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।