प्रस्तावित सरकारी नर्सिंग कॉलेज अनदेखी की हद: धार क्यारी गांव में मिली जमीन की पीडब्लूडी को नही मिली डिमार्केशन, करोड़ों रुपए लेप्स होने की कगार पर....

प्रस्तावित सरकारी नर्सिंग कॉलेज अनदेखी की हद: धार क्यारी गांव में मिली जमीन की पीडब्लूडी को नही मिली डिमार्केशन, करोड़ों रुपए लेप्स होने की कगार पर....

अक्स न्यूज लाइन नाहन 30 अगस्त :    अरुण साथी
 केन्द्र सरकार द्वारा 2 साल पहले मेडिकल कॉलेज नाहन के लिए स्वीकृत 60 सीटों वाले नर्सिंग कॉलेज के निर्माण का मामला अधर में लटका है। अढ़ाई साल पहले हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सत्ता में बैठे जिला सिरमौर के तमाम  छोटे बडे नेता इस मेडिकल कॉलेज की शिफ्टिंग में लगे है। ऐसे में केन्द्र सरकार मेडिकल कॉलेज के लिए अन्य संस्थान स्वीकृत करती है उनके लिए बजट देती है तो जमीन न होने का तमाशा शुरू हो जाता है।

 केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत नर्सिंग कॉलेज के लिए यही फण्डा अपनाया गया है। सत्ता धारी नेताओं ने मेडिकल कॉलेज के आसपास विभाग की उपलब्ध जमीन को दरकिनार कर के शहर से 5 किलोमीटर दूर धार क्यारी गावं को चुना था। यह सोच कर की भविष्य में मेडिकल कॉलेज तो कांसी वाला से आगे ही बनना है।

प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज को लेकर मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस सरकार ने धार क्यारी में 12-13 बीघा जमीन का रकबा मेडिकल कालेज के नाम कर दिया है। उधर नर्सिंग कॉलेज निर्माण के लिए भेजे गए प्रंकलन आधार पर केन्द्र सरकार ने 10 करोड का बजट मंजूर करते हुए 3 करोड़ जारी कर दिये थे।

सिस्टम जी की सुस्त चाल देखिए राजस्व विभाग ने मौके पर जा कर लोक निर्माण विभाग को आज तक डिमार्केशन नही दी। उधर लोक निर्माण विभाग का जवाब आया कि डिमार्केशन होगी तभी तो पता चलेगा जमीन कहा है। उसके बाद ड्राइंग बनेगी, सरकार से अप्रूवल होगी, टेंडर होगा आदि आदि, कुल मिलाकर सभी तीनों विभागों की अपनी अपनी ढफली अपना अपना राग है। यानी जबसे बजट आया किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई। 

अब आलम यह है बजट लेप्स होने के कागार पर पहुंच गया है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस कवायद में जुट गया है कि किसी तरह करोडों के मिले बजट को लेप्स होने से बचा लिया जाए। यह भी तय है कि अगर डिमार्केशन नही मिली तो बजट लोक निर्माण को ट्रांसफ र नही होगा फि र लेप्स हो सकता फि र कब आयेगा यह केंद्र सरकार के ऊपर निर्भर होगा।

 उधर धार क्यारी गांव की बात करें तो पिछले 20 साल से खस्ताहाल  सड़क पक्की नही बन सकी। बरसात में लोगों का जीवन नरकीय बनता है। सत्ता में  बैठे उन नेताओं की प्रगतिशील सोच को दाद देनी चाहिए कि नाहन में स्वास्थ्य विभाग की जमीन छोडकर 5 किलोमीटर दूर इस गांव में पहुंच गए। इसकी भी जांच होनी चाहिये।

यह भी नही सोचा गया कि अगर नर्सिग कॉलेज धार क्यारी में बनेगा तो कन्या छात्राओं की सुविधाओं का क्या होगा। अस्पताल तो नाहन में है। खरीद दारी के लिए भी शहर में आना पड़ेगा। कॉलेज व होस्टल की इमारतें बना देने से क्या सब कुछ धार क्यारी में उपलब्ध हो जायेगा।

 नर्सिग कॉलेज के निर्माण को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसएस डोगरा ने बताया कि धार क्यारी में सरकार ने नर्सिंग कॉलेज के लिए जमीन अलाट कर रखी है। राजस्व विभाग ने बार बार अनुरोध करने के बावजूद लोक निर्माण को अभी तक डिमार्केशन नही दी है। ऐसे में अब कई करोड़ का बजट लेप्स हो सकता है।

 लोक निर्माण के एक्सीयन आलोक जनवेजा ने बताया कि डिमार्केशन मिलने के बाद ही नर्सिग कॉलेज की इमारत की ड्राइंग व अन्य औपचारिकताऐं पूरी होगी फि र टेंडर प्रक्रिया शुरू की जायेगी।