नाहन: शिलाई स्कुल में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित....
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कंवर सिंह नेगी ने सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने दैनिक जीवन में शुद्ध पेयजल के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार जल-जनित रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों और छात्रों से स्वच्छता को अपनी प्राथमिकता बनाने का आग्रह किया।
विशेषज्ञ के रूप में मौजूद डॉ. शशांक ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 7 अप्रैल, 1950 को 'विश्व स्वास्थ्य संगठन' (WHO) द्वारा पहली बार यह दिवस मनाया गया था। उन्होंने वर्ष 2026 की थीम के संदर्भ में कहा कि आज हमें "स्वास्थ्य के साथ एकजुट और विज्ञान के साथ खड़े" होने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बीमारियों के इलाज के लिए अंधविश्वासों के जाल में न फंसें और केवल योग्य डॉक्टरों से ही अपना उपचार कराएं।
सामाजिक कार्यकर्ता कपिल शणकवाण ने युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि "चिट्टा" जैसा जानलेवा नशा आज युवा पीढ़ी को निगल रहा है और अब इसने सिरमौर के दुर्गम गिरिपार क्षेत्र में भी अपने पांव पसार लिए हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि अपने भविष्य (युवा वर्ग) को बचाने के लिए इस बुराई के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।
शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में आराध्या ने प्रथम और इरीका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि चित्रकारी में नायरा पहले और साक्षी दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं, नारा लेखन प्रतियोगिता में कनिका ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और जीविता दूसरे स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के अंत में इन सभी मेधावी विजेताओं को सामाजिक कार्यकर्ता कपिलु शणकवाण द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि कपिलु शणकवाण द्वारा विजेता विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर खजान चौहान, बिन्टू ठाकुर सहित लगभग 50 अध्यापक और अभिभावक विशेष रूप से मौजूद रहे।








