कोल डैम विस्थापितों के पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, प्लॉटों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर दे जोर: डिवीजनल कमिश्नर
बैठक में कोल डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों को दिए जाने वाले 12 प्लॉटों से संबंधित राजस्व प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इन प्लॉटों पर बिजली, पानी तथा सड़क जैसी सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाई जाएं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए सोलर लाइटें लगाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि एनटीपीसी द्वारा ब्लास्टिंग से प्रभावित परिवारों को अब तक 17 लाख 64 हजार 688 रुपए की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त परियोजना से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी कार्य किया गया है। अब तक 440 प्रभावित लोगों को अस्थायी रोजगार तथा 25 लोगों को स्थायी रोजगार प्रदान किया गया है। डिवीजनल कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को एनटीपीसी की जॉब पॉलिसी के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। बैठक के दौरान हरनोडा क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के लिए खेल सुविधाएं विकसित करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि वह संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि वहां किस प्रकार की खेल सुविधाएं और खेल मैदान विकसित किए जा सकते हैं, ताकि स्थानीय युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गैर-सरकारी सदस्यों के साथ नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों की समस्याओं और मांगों को समय रहते समझा जा सके और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में विस्थापित परिवारों को दिए गए प्लॉटों में पानी की उपलब्धता, सड़क सुविधा तथा ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। डिवीजनल कमिश्नर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएं, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त हरनोड़ा योजना के अंतर्गत लगभग 59 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कृषि तथा उद्यान विभाग द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसान आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर प्रेरित हो सकें।
डिवीजनल कमिश्नर ने कहा कि कोल डैम परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए विस्थापित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
यह बैठक 8 दिसंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कोल डैम विस्थापित एवं पुनर्वास सलाहकार समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई।




