15 दिसम्बर तक करवाएं गेहूं की फसल का बीमा: उपायुक्त
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बीजाई के समय अगर असामान्य मौसमी स्थितियों के कारण बीजाई या रोपण ने होने या हानि होने पर किसान को इसका मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही, खड़ी फसल (बुआई से लेकर कटाई तक) सूखा, बाढ़, लंबी शुष्क कृमि व रोग, जल भराव जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भी भरपाई योजना के अंतर्गत की जाती है।
फसल की कटाई के दो सप्ताह के भीतर अगर कोई प्राकृतिक आपदा जैसे गैर मौसमी बारिश, चक्रवात और चक्रवातीय वर्षा से नुकसान होता है, तो उस स्थिति में भी बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके अलावा अधिसूचित क्षेत्र में पृथक कृषि भूमि को प्रभावित करने वाली स्थानीयकृत आपदाएं जैसे ओलावृष्टि, भूस्खलन व जलभराव आदि भी योजना में शामिल हैं।
इस बारे जानकारी देते हुए उपनिदेशक कृषि प्रेम चंद ठाकुर ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है तथा प्रीमियम 12 प्रतिशत की दर से 7200 रुपये प्रति हैक्टेयर निर्धारित की गई है, जिसमें किसान द्वारा अनुदानित प्रीमियम 1.5 प्रतिशत की दस से 900 रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा 72 रुपये प्रति बीघा की दर से वहन किया जाएगा तथा शेष राशि सरकार अनुदान के रूप में भरपाई करेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए किसान रतन लाल ठाकुर सदर (मो. 7018083042), बृजेश चंदेल, घुमारवीं (मो. 9418463891), किशोर कुमार झंडुता (मो. 9817488310), मनोज ठाकुर श्री नैना देवी जी (मो. 7018306808) तथा कृषि बीमा कंपनी के जिला समन्वयक चंद्रशेखर के मोबाइल नंबर 9857075081, सदर ब्लॉक समन्वयक मदन लाल के मोबाइल नम्बर 7018370005, घुमारवीं ब्लॉक समन्वयक अंकुर सोनी 7807589869 तथा झण्डुता ब्लॉक समन्वयक विशाल कुमार 7832084842 से संपर्क कर सकते हैं।



