मंडी में कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की वर्षगांठ पर निकाला गया नागरिक एकजुटता मार्च

उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपूर्व देवगन ने मार्च को उपायुक्त कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मार्च में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल मंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या मंडी के छात्र-छात्राओं, आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं के अतिरिक्त अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। मार्च में शामिल छात्र-छात्राएं और प्रशिक्षु हाथों में भूकंप से बचाव के उपायों की जानकारी देती हुई तख्तियां लेकर चल रहे थे और जन-जन को समझाना है, भूकंप रोधी मकान बनाना है और जिम्मेदारी निभाएं, सुरक्षित निर्माण कराने के नारे लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे थे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मार्च को रवाना करने से पहले उपायुक्त कार्यालय में एकत्रित अधिकारियों, कर्मचारियों और मार्च में शामिल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप को न रोका जा सकता है और न ही इसके होने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। सुरक्षित भवन निर्माण ही भूकंप से हमें बचा सकता है। इसलिए हमें अपने घरों का निर्माण भूकंपरोधी तरीके से ही करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिला आपदा प्राधिकरण द्वारा लगातार लोगों को भूकंप सहित आपदा से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाई जा रही है ताकि उस दौरान उत्पन्न होने वाली विकट परिस्थितियों से बेहतर ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कभी भूकंप आए तो हमें किसी मजबूत मेज या अन्य वस्तुओं के नीचे अपने को छुपा लेना चाहिए और जब तक कंपन ना रुके तब तक उस भवन से बाहर नहीं निकलना चाहिए। कंपन रुकते ही एक सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा जिला में आए भूकंप से करीब 20000 लोगों की जानें गई थी और एक लाख मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। अगर उसी तीव्रता का फिर से भूकंप कहीं आ जाए तो इससे नुकसान पहले से कहीं ज्यादा होगा। इससे बचने का तरीका भूकंपरोधी निर्माण है। इस अवसर पर एडीएम मंडी डॉ मदन कुमार, नेहरू युवा केन्द्र समन्वयक भारती मोंगरा, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्रीति नेगी, प्रवीण भारद्वाज और नरेन कैथ, स्कूलों और आईटीआई के अध्यापक मौजूद रहे।