स्वास्थ्य संस्थानों में एक हजार रोगी मित्रों की होगी नियुक्ति : शांडिल

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष, 2025 में प्रदेश के सभी मेडिकल काॅलेजों और 69 सिविल अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आधुनिक मशीनें लगाने पर 1 हजार 730 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि इस साल 69 संस्थानों में डायलेसिस सेवाओं की सुविधा और 11 स्वास्थ्य संस्थानों में बल्ड स्टोरेज यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसी साल एआईएमएसएस शिमला, टांडा मैडिकल काॅलेज में रोबोटिक सर्जरी की स्थापना भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला, एआईएमएसएस चम्याणा, हमीरपुर, नेरचैक मेडिकल कालेज में अत्याधुनिक एमआईआर मशीनें, आईजीएमसी शिमला में पेट स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 10 वायदों में से 6 वायदों को पूरा कर दिया है। शेष चार गारंटियों को भी हम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों, बेसहारा महिलाओं और वृद्धजनों को सहारा देने के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ शुरू कर 6 हज़ार बच्चों को चिल्डन आॅफ स्टेट के रूप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को सहारा देने के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। हाल ही में चिल्डन आॅफ स्टेट को दिल्ली, चंडीगढ़, गोवा और बाघा बाॅर्डर आदि स्थानों पर भ्रमण पर भेजा गया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान कर रही है। इससे पहले परेड कमांडर संजय कुमार के नेतृत्व में मार्च पास्ट किया तथा सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति तथा लोक गीतों पर आधारित प्रस्तुतियां भी दीं। संतोष कटोच ने स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से रेडक्रास सोसाइटी के लिए दस हजार रूपये का चेक दिया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड भवानी पठानिया, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, प्रधान सलाहाकार सीएम नवाचार, डिजीटल प्रौद्योगिकी एवं शासन गोकुल बुटेल, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी, एपीएमसी के चेयरमैन निशु मोंगरा, इको टूरिज्म सोसाइटी के नामित डायरेक्टर संजीव गांधी, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एडीसी विनय कुमार सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।