प्रदेश सरकार सुगम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आईटी आधारित समाधानों पर दे रही बलः डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल
डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बताया कि सुगम स्वास्थ्य मोबाइल एप्लिकेशन से ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है तथा वेब-आधारित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम ई-सुश्रुत के माध्यम से मरीज पंजीकरण, बिलिंग, ओपीडी, आईपीडी, नर्सिंग डेस्क, भर्ती, डिस्चार्ज, ट्रांसफर, बेड एवं इन्वेंट्री-स्टोर प्रबंधन सहित अनेक सेवाओं उपलब्ध करवाई जा रही है। ई-सुश्रुत को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, आभा, डीवीडीएमएस, मेरा अस्पताल, एसएमएस गेटवे और पेमेंट गेटवे के साथ एकीकृत किया गया है। ई-सुश्रुत और सुगम स्वास्थ्य की सुविधाएं पायलट आधार पर राज्य के 53 अस्पतालों में दी जा रही हैं, जिनमें 12 जिला अस्पताल, पांच मेडिकल कॉलेज और 36 सिविल एवं उप-मंडलीय अस्पताल शामिल हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि सभी 53 स्वास्थ्य संस्थानों को डेस्कटॉप, प्रिंटर, यूपीएस, बारकोड स्कैनर और बारकोड प्रिंटर उपलब्ध करवाए गए हैं। अस्पतालों को 516 टैबलेट प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि 56 टैबलेट प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इनसे आईपीडी में चिकित्सकों को ओपीडी डेस्क मॉड्यूल के माध्यम से एचएमआइएस एप्लिकेशन, ई-सुश्रुत के जांचों और प्रिस्क्रिप्शन का डेटा दर्ज करने मेें सुविधा हो रही है।
राज्य में पायलट आधार पर 53 अस्पतालों में ई-सुश्रुत एप्लिकेशन के कार्यान्वयन के पहले दो वर्षों में 77,89,266 ओपीडी पंजीकरण, 8,18,430 आपातकालीन ओपीडी पंजीकरण तथा 7,35,984 आभा टोकन जनरेशन किए गए हैं। इसके अलावा 26,83,276 जांच, 3,72,529 इन्वेंट्री-ड्रग्स और 2,04,898 भर्ती, डिस्चार्ज एवं ट्रांसफर सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप कुमार ठाकुर, अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज़, चमियाना के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी रवीन्द्र कुमार, आईजीएमजी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





