नाहन: 17 सालों में1 डिमांड मानी अभी तक सरकार ने, रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने किया खुलासा...

नाहन: 17 सालों में1 डिमांड मानी अभी तक सरकार ने, रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने किया खुलासा...

 देश के पांच राज्यों से जुड़े केंद्र द्वारा राष्ट्रीय परियोजना में शुमार, दशकों से प्रस्तावित राजधानी दिल्ली की पप्यास बुझाने वाले जिला सिरमौर को गिरी नदी पर बनने वाले रेणूका बांध के विस्थापित होने वाले करीब 300 परिवारों के अधिकारों की जंग  जारी है।

  रेणूका बांध विस्थापित  संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय ठाकूर ने मीडिया से रूबरू होकर बताया कि 17 सालों से मांगों को लेकर कांग्रेस- भाजपा की आई सरकारों से विस्थापित होने वाले लोगों की मांगे उठाई गई है लेकिन अभी तक सरकार केवल ही मांग को पिछले 17 सालों में माना है।

[2/9, 15:51] sathiarun as: उन्होंने आरोप लगाया कि  राष्ट्र हित के नाम हमारी जमीनों को अधिग्रित किया गया है व पुनर्स्थापन व पुनर्वास के नाम पर विस्थापित अपने आप को  आज भी ठगा सा महसूस कर रहे है ।

 

 ठाकूर ने कहा कि मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया है।एल.ए.ओ के अवार्ड के आधार पर गृहविहीन परिवारों की सूची को अति शीघ्र जारी किया जाए व् गृहविहीन परिवारों की सूची जो की लम्बे समय BOD में विचाराधीन है उस सूची को जल्द से जल्द जारी किया जाए।

 

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गृहविहीन परिवारों को हाउसलेस की ग्रांट जो की 27 लाख रूपये है। इस राशि को वर्तमान PWD SECHDULE रेट के आधार पर आंकलित कर तुरंत प्रभाव से बिना किसी शर्त के जारी किया जाए | 250 वर्ग मीटर प्लाट की राशी जो की 1.50 लाख रूपये है वह राशि बहुत कम है इस राशि को वर्तमान मूल्य के आधार पर बढ़ा कर दिया जाए

 

संघर्ष समिति ने कहा कि भूमि हीन परिवारों की सूची प्रक्रिया अविलम्ब शुरू की जाए व् जो परिवार भूमिहीन श्रेणी में आते है उन्हें 5 बीघा भूमि कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित कर जल्द से जल्द सभी भूमिहीन परिवारों को जारी की जाए। हि० प्र० पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड विभाग द्वारा चार स्थानों पर भूमिहीन परिवारों के लिए भूमि खरीदी गयी है जो की कृषि योग्य नही है | जिसको समिति निरस्त करती है । 

 

अन्य स्थान पर कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित कृषि योग्य भूमि दी 700000 जाए ताकि विस्थापित उस भूमि पर अपना गुजर बसर कर पाए।

 

 उन्होंने  मांग करते हुए कहा किकाश्तकारी परिवार ऐसे परिवार जो पीढ़ी दर पीढ़ी से अधिग्रहित की गई भूमि या वन भूमि में रह रहे थे व् अपना जीवन यापन कर रहे थे उन परिवारों को ग्रहविहीन व भूमि हीन की श्रेणी में लिया जाए।

 

 

 R&R प्लान की सभी ग्रांट जो की 2008 के मूल्य के हिसाब से आंकलित है जो कि बहुत कम है इन् सभी ग्रांट को वर्तमान दर के मूल्य के हिसाब से आंकलित कर के दिया जाए।

 

ठाकुर नवविस्थापितों को उनकी योग्यता के आधार पर HPPCL द्वारा रोजगार में प्राथमिकता दी जाये |NGT द्वारा प्रधान मुख्य आरण्यपाल हि० प्र० की अध्यक्षता में जो कमेटी गठित की गई थी उसके द्वारा दिए गए परामर्श अथवा अनुशंसा को शीघ्र पूरा किया जाए ।

 

 सभी विस्थापितों को HPPCL द्वारा दिया गया जमीन और पेड़ पौधों और मकान का मूल्य बताया जाये कि जमीन हमारी किस मूल्य में ली गई है और पेड़ अलग अलग प्रकार के हैं वो किस मूल्य से लिए गए हैं और मकान को कितने रुपये square feet के हिसाब से लिया गया है सभी की विस्तृत जानकारी दी जाये |-

 

डूब क्षेत्र में ली गई भूमि की demarcation फिर से की जाये ताकि लोगों को पता चले कि उनकी कितनी जमीन वापिस बचती है | व सभी विस्थापितों की उनकी कितनी जमीन अधिगृहित की गई है इसका ब्यौरा दिया जाए।