शिमलाः गायनी ओपीडी बदली तो होगा आंदोलन,जनवादी महिला समिति ने चेताया..

शिमलाः गायनी ओपीडी बदली तो होगा आंदोलन,जनवादी महिला समिति ने चेताया..
Ad 1 Ad 2 Ad 3 Ad 4 Ad 5 Ad 6 Ad 7 Ad 8 Ad 9
Ad 1 Ad 2 Ad 3 Ad 4 Ad 5 Ad 6 Ad 7 Ad 8 Ad 9
Ad 1 Ad 2 Ad 3 Ad 4 Ad 5 Ad 6 Ad 7 Ad 8 Ad 9

अक्स न्यूज लाइन शिमला 17 अप्रैल :   
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरण करने की   सरकार की कड़ी निंदा की है और सरकार  से यह अपील करती है कि जो आदेश इसके स्थानांतरण के  निकाले है उन्हें तुरंत रद्द किया जाए ।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरण करने की   सरकार की कड़ी निंदा की है और सरकार  से यह अपील करती है कि जो आदेश इसके स्थानांतरण के  निकाले है उन्हें तुरंत रद्द किया जाए ।
आईजीएमसी में सुविधाओं का अभाव होने की वजह से पिछले कल ऑपरेशन भी कमला नेहरू अस्पताल में किय गए और आज  ओपीडी  भी कमला नेहरू अस्पताल में चली और गायनी की पर्चियां भी अस्पताल प्रशासन के द्वारा काटी गई
और सभी सीनियर चिकित्सक कमला नेहरू अस्पताल में ही बैठे
 

मुख्यमंत्री के सलाहकार कह रहे है कि एक ही छत के नीचे हम  महिलाओं को सारी सुविधा दे रहे हैं । सलाहकार को यही पता नहीं है कि कमला नेहरू अस्पताल में ही ब्लड बैंक है और  जिन सुविधाओं  की आप बात कर रहे है  वह पहले से ही एक छत के नीचे  कमला नेहरू अस्पताल में मिल रही है  ।महिला मरीज अगर आईजीएमसी चली जाएगी तो उसे  हर जांच के लिए दूसरे मरीजों के साथ  लाइन में  लगना पड़ेगा ।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने   भारी भरकम यूजर चार्जेज महिला अस्पताल में और दूसरे अस्पतालों में लोगों के ऊपर लगाकर  लोगों को इलाज से भी  वंचित किया है और सरकार  फिर भी यह कह रही है कि  मशीनें पुरानी है इतने भारी भरकम यूजर चार्जेज लगाने के बाद भी महिलाओं को बेहतर सुविधाएं  देने में सरकार विफल रही है।

सरकार कमला नेहरू अस्पताल में ही   तीसरे चरण के भवन का निर्माण करके उसी भवन में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे और  उसी भवन में आईवीएफ केंद्र ,रोबोटिक सर्जरी की सुविधा दे जिससे महिलाओं को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा और निजता के साथ उसका उपचार उसी  भवन में हो जिस तरह से पिछले 102 साल से इसी भवन में इलाज  हो रहा था ।
सरकार अगर इस फैसले को नहीं बदलती है  तो जनवादी महिला समिति इसके खिलाफ आंदोलन और तेज करेगी ।
राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने कहा कि आईजीएमसी में सुविधाओं का अभाव होने की वजह से पिछले कल ऑपरेशन भी कमला नेहरू अस्पताल में किय गए और आज  ओपीडी  भी कमला नेहरू अस्पताल में चली और गायनी की पर्चियां भी अस्पताल प्रशासन के द्वारा काटी गई और सभी सीनियर चिकित्सक कमला नेहरू अस्पताल में ही बैठे
 

मुख्यमंत्री के सलाहकार कह रहे है कि एक ही छत के नीचे हम  महिलाओं को सारी सुविधा दे रहे हैं ।
रंजना जरेट ने आरोप लगाया कि सलाहकार को यही पता नहीं है कि कमला नेहरू अस्पताल में ही ब्लड बैंक है और  जिन सुविधाओं  की आप बात कर रहे है  वह पहले से ही एक छत के नीचे  कमला नेहरू अस्पताल में मिल रही है  ।

महिला मरीज अगर आईजीएमसी चली जाएगी तो उसे  हर जांच के लिए दूसरे मरीजों के साथ  लाइन में  लगना पड़ेगा ।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने   भारी भरकम यूजर चार्जेज महिला अस्पताल में और दूसरे अस्पतालों में लोगों के ऊपर लगाकर  लोगों को इलाज से भी  वंचित किया है और सरकार  फिर भी यह कह रही है कि  मशीनें पुरानी है इतने भारी भरकम यूजर चार्जेज लगाने के बाद भी महिलाओं को बेहतर सुविधाएं  देने में सरकार विफल रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार कमला नेहरू अस्पताल में ही  तीसरे चरण के भवन का निर्माण करके उसी भवन में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दे और  उसी भवन में आईवीएफ केंद्र ,रोबोटिक सर्जरी की सुविधा दे जिससे महिलाओं को इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा और निजता के साथ उसका उपचार उसी  भवन में हो जिस तरह से पिछले 102 साल से इसी भवन में इलाज  हो रहा था ।
सरकार अगर इस फैसले को नहीं बदलती है  तो जनवादी महिला समिति इसके खिलाफ आंदोलन और तेज करेगी ।