केंद्र से हिमाचल को हमेशा मिलती है मदद लेकिन सुख की सरकार प्रधानमंत्री को कोसने से बाज नहीं आती : जयराम ठाकुर

पिछले दो दिनों में केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज 3 के तहत 140 करोड रुपए के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली। जिससे प्रदेश में 21 ब्रिजों का निर्माण और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। ऊना में झलेड़ा–घालूवाल के फोर लेन पुल के लिए 37 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही उन के ही बीत क्षेत्र में सिंचाई योजना के लिए 42 करोड रुपए की भी स्वीकृत हुई है। जिसका श्रेय लेने की होड़ स्थानीय नेताओं में मची है। लेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिमाचल प्रदेश का सतत सहयोग करने के लिए कोई भी नेता आभार व्यक्त करने को तैयार नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को पिछले दो सालों में लगभग 24000 करोड रुपए से ज्यादा का सहयोग विभिन्न प्रकार के परियोजनाओं और अन्य तरीके से प्राप्त हुआ है। पिछले दो सालों में हिमाचल प्रदेश को समग्र शिक्षा योजना के तहत 824 करोड़ और मनरेगा के तहत 1920 करोड रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस वित्त वर्ष में हिमाचल प्रदेश के रेलवे के लिए लगभग 2750 करोड़ रुपए मिले हैं साथ ही पिछले दो वित्तीय वर्ष में भी औसतन ढाई हजार करोड रुपए हर वर्ष मिले हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ और 3000 करोड़ की मदद पहले ही हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा मिल गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से नाबार्ड, एडीबी वर्ल्ड बैंक से न जाने कितनी योजनाएं हिमाचल प्रदेश में चलाई जा रही हैं। लगभग 3000 करोड रुपए हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 50 साल के लिए बिना ब्याज के मिल चुका है। आपदा के समय जहां केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10000 से ज्यादा आवास दिए थे वहीं पिछली बार हिमाचल प्रदेश को 92300 आवास दिए गए थे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र द्वारा इस वर्ष 11800 करोड़ के लगभग बजट का आवंटन केंद्रीय बजट में किया गया है। हिमाचल प्रदेश को टैक्स शेयर के रुप में मिलने वाली राशि हो यह अन्य प्रकार के अनुदान के तहत मिलने वाली राशियों में यदि यूपीए और एनडीए के 10-10 सालों का अंतर देखा जाए तो वह जमीन आसमान काअंतर है। केंद्र द्वारा हिमाचल को दिए गए टैक्स शेयर में यूपीए और एनडीए के 10 साल के कार्यकाल का अंतर 4 गुना से ज्यादा है और ग्रांट इन एड का अंतर 3 गुना से ज्यादा है। हर प्रकार से केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश का सहयोग कर रहा है। लेकिन सरकार स्वीकार करने को तैयार नहीं है। इससे सरकार को बाज आना होगा।