अक्स न्यूज लाइन ऊना, 3 फ़रवरी :
उप-मंडलीय नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय, ऊना द्वारा नगर परिषद संतोषगढ़ के सभागार में आज(मंगलवार) को जन-जागरूकता बैठक का अयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सहायक नगर योजनाकार निर्मल सिंह ने की। बैठक में निर्मल सिंह ने हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 तथा संतोषगढ़ योजना क्षेत्र में लागू नियमों व विनियमों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में आम जनता को जागरूक करें, ताकि सुनियोजित विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।
निर्मल सिंह ने बताया कि भूमि खरीद कर निर्माण करने से पहले नगर एवं ग्राम योजना विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। साथ ही अधिनियम की धारा 16(सी) के तहत भूमि की बिक्री से पूर्व प्लॉट का विभाग से अनुमोदन आवश्यक है। खरीददारों को भी केवल विभाग द्वारा स्वीकृत उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदने की सलाह दी गई।
उन्होंने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम के प्रावधानों बारे भी अवगत करवाया तथा बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉटिंग या आठ से अधिक अपार्टमेंट के निर्माण एवं विक्रय के लिए में पंजीकरण जरूरी है। इसके अलावा जिले में 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर निर्माण की स्थिति में संबंधित क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा, जहां विभागीय स्वीकृति व रेरा पंजीकरण अनिवार्य होगा। सहायक नगर योजनाकार ने अवैध निर्माण से होने वाली समस्याओं के प्रति भी लोगों को जागरूक करने और बिना अनुमति निर्माण न करने की अपील की। इस दौरान योजना अधिकारी रमेश चंद, वरिष्ठ प्रारूपकार रवि किशोर और कनिष्ठ अभियंता राधा देवी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।