राज्यपाल ने सुंदरनगर में आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारम्भ किया
उन्होंने कहा कि राज्य में ज्यादा जोखिम वाले लगभग 1.49 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से लगभग सात लाख (46 प्रतिशत) लोगों की जांच एक्स-रे के माध्यम से की गई, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उन्होंने कहा कि शिविरों में आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उपयोग करते हुए निःशुल्क जांच की जा रही है, जबकि मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां दूरदराज और कठिन क्षेत्रों तक सेवाएं सुनिश्चित कर रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ‘टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत’ पहल के तहत सामुदायिक प्रयासों से उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। राज्य की 3,615 ग्राम पंचायतों में से 2023 में 731 (20 प्रतिशत), 2024 में 823 (23 प्रतिशत) और 2025 में 1,052 (29 प्रतिशत) पंचायतों को टीबी-मुक्त घोषित किया गया। उन्होंने इसे टीबी उन्मूलन की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरक कदम बताया।
राज्यपाल ने कहा कि 100 दिवसीय विशेष अभियान इस दिशा में एक निर्णायक पहल है। इसके तहत राज्य में 5,176 उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों की पहचान की गई है, जहां आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ऐसे लक्षित प्रयास राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं।
राज्यपाल ने सामुदायिक भागीदारी के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि क्षय रोग उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, इसे जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, आशा कार्यकर्ताओं और प्रत्येक नागरिक को टीबी उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में 25 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। साथ ही ब्लॉक स्तर पर उन्नत जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में काफी सुधार हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन की ओर से सभी मंत्रीगण, सांसदों और विधायकों को पत्र लिखकर टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार, पोषण और मानसिक सहयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने शिविर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य एवं जांच सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने टीबी-मुक्त भारत अभियान के दूसरे चरण का ‘लोगो’ भी जारी किया। उन्होंने इस अवसर पर टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की और टीबी चौंपियन्स को सम्मानित किया तथा उपस्थित लोगों को टीबी-मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य सलाहकार डॉ. निशांत ने टीबी उन्मूलन अभियान में राज्य की उपलब्धियों की जानकारी दी। दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्य प्रकाश शर्मा ने संस्था के बारे में जानकारी साझा की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत किया और टीबी-मुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तार से बताया। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, रोहांडा, डॉ. लाल सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।








