किन्नौर जिला के रामलीला मैदान पार्किंग परिसर में मेगा मॉक ड्रिल आयोजित

आयोजित मॉक ड्रिल में प्रातः 11 बजे भूकंप की स्थिति दर्शाई गई तथा उपायुक्त कार्यालय परिसर से निकासी मॉक ड्रिल की गई जिसमें उपायुक्त कार्यालय में फंसे हुए कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा घायल व चोटिल लोगों को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए रवाना किया गया।
तहसीलदार कल्पा व कार्यकारी सहायक आयुक्त अभिषेक बरवाल की अगुवाई में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जनजातीय किन्नौर जिला भूकंप के दृष्टिगत संवेदनशील श्रेणी में आता है और जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन के लिए हर समय तैयार रहना चाहिए तथा इस संदर्भ में स्थानीय लोगों को समय-समय पर जागरूक करना चाहिए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तत्काल प्रभाव से निपटा जा सके।
उन्होंने बताया कि आज ही के दिन 1905 में कांगड़ा भूकंप में 20000 लोगों की जानें गई थी और ऐसी घटनाओं से सबक लेकर जिला प्रशासन धरातल पर आपदा प्रबंधन के लिए कारगर कदम उठा रहा है। इसी संदर्भ में आज इस मैगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया तथा पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य में होने वाली वास्तविक आपदा के समय किए जाने वाले कार्यों से बचाव व राहत कार्य दलों सहित आम लोगों को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा उपायुक्त कार्यालय परिसर से आपदा जागरूकता रैली निकाली गई तथा नारों के माध्यम से लोगों को आपदा से बचाव बारे जागरूक किया गया। इस दौरान कमांडेंट होमगार्ड सुरेश शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविराज सहित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, होमगार्ड, पुलिस, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।