नाहन : बालिकाओं को शोषण से बचाना और उन्हें भय मुक्त वातावरण प्रदान करना उदेश्य है ......
अक्स न्यूज लाइन नाहन 03 जुलाई :
उपाध्यक्ष सक्षम गुड़िया बोर्ड अरूणा महाजन ने आज यहां कल्याण भवन के सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली।
उन्होंने बताया कि यह बोर्ड मुख्यरूप से राज्य की बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और सशक्तिकरण प्रदान करता है तथा बोर्ड का उदेश्य बालिकाओं को शोषण से बचाना और उन्हें भय मुक्त वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि गुड़िया हेल्पलाइन 1515 आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ समन्वय स्थापित कर पीड़िता को त्वरित सहायता तथा परामर्श प्रदान करने के अतिरिक्त बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कौशल प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करता है।
उपाध्यक्ष ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को कहा कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सिरमौर जिला में मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना की जानकारी भी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह नियमित रूप से आंगनवाड़ी केद्रों का निरीक्षण करें तथा आंगनवाड़ी केद्रों को समय सारणी के अनुसार खोलने व बंद करने के साथ-साथ आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा सहायिका को कार्य समय के दौरान वर्दी मेें रहना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आंगनवाडी केद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में समाज में बढ़ रहे नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाए ताकि धरातल स्तर पर नशा मुक्त समाज की परिकल्पना सार्थक हो सके।
इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने उपाध्यक्ष का स्वागत किया तथा विभागीय योजनओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 1486 आंगनवाडी केद्रों के माध्यम से 12617 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं व 06 माह से 06 वर्ष तक के 26533 बच्चों को पोषाहार सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सिरमौर जिला में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ के अन्तर्गत जन्म के समय लिंग अनुपात दर गत वर्ष 957 की अपेक्षा इस वर्ष 1018 दर्ज हुई है जोकि देश व प्रदेश की तुलना मेें अधिक है।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार सहित जिला में कार्यरत सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा बाल संरक्षण अधिकारी रमा रेक्टा उपस्थित रहे।




