नाहन: हसरत ही रह गई अध्यक्ष बनने की, नगर परिषद में दो दशकों से महिलाएं रही काबिज,पुरुष पार्षदों के नसीब में रही उपाध्यक्षी...
अक्स न्यूज लाइन नाहन 29 अप्रैल :
नाहन नगर परिषद में पिछले दो दशकों से चुनकर आने वाले कांग्रेस - भाजपा के पुरूष पार्षदों के लिए नगर परिषद अध्यक्ष का पद एक सपना बना हुआ है। लाख चाह कर भी इन पार्षदों की हसरतें पुरी होने को नही।
अध्यक्ष पद के लिए सरकारी रोस्टर नाहन में इन पुरूष पार्षदों के नासूर साबित हो रहा है। फिलहाल आने वाले पांच साल भी पुरूष पार्षद के लिए अध्यक्ष का सिहांसन सपना ही रहेगा ।
नगर परिषद नाहन में पिछले दो दशकों से अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए रिजर्व होता आया है। अगले मई माह में हो रहे नगर परिषद चुनाव में एक बार फिर आने वाले।पांच सालों के लिए अध्यक्ष पद रोस्टर ने महिला के लिए रिजर्व कर दिया है ।
यह भी सही है कि हर चुनाव में जारी होने वाला आरक्षण सम्बंधी रोस्टर चुनावी बिसात पर उतरने वाले पार्षदों और नये चेहरों का चुनावी गणित बिगाड़ कर रख देता है ।
इस बार भी नगर परिषद के लिए जारी रोस्टर ने दिग्गज पार्षदों व पूर्व पार्षदों को झटका दिया है। खासतौर से उन पार्षदों जिन्होने बीते चुनाव में आरक्षण कारण अपनी पत्नियों को चुनाव जीतकर नगर परिषद भेजा था लेकिन इस बार भी आरक्षण आड़े आ गया है। रोस्टर के मारे अब ये बेचारे पूर्व औऱ वतर्मान पार्षदों को नये वार्ड तालशने तालशने पड़े ।
सरकारी रोस्टर का इन नेताओं को इतना ख़ौफ़ है कि दो दशकों से औऱ एक बार अध्यक्ष पद महिला कोटे में चला गया लेकिन किसी भी नेता और पार्टी ने रोस्टर को हाई कोर्ट में चुनौती नही दी। ऐसे इनके नसीब में उपाध्यक्षी ही लिखी है।
अभी इस अवधि में कांग्रेस के दिग्गज पार्षद योगेश गुप्ता व अविनाश गुप्ता ने उपाध्यक्ष पद की कमान संभाली है। योगेश गुप्ता तो सीधे चुनाव में भी उपाध्यक्ष बने थे। गुप्ता दो बार इस पद पर रहे। उधर अविनाश गुप्ता भी 10 साल से उपाध्यक्ष बने रहे। लेकिन अविनाश गुप्ता अपने सियासी फायदे के लिए युटर्न लेने में भी पीछे नहीं रहे। गुप्ता कांग्रेस- भाजपा दोनो का साथ देकर उपाध्यक्ष का पद झटकते रहे हैं ।अविनाश गुप्ता वार्ड रिजर्व होने के कारण मैदान से बाहर है ।
इस बार भी जीतने वाले पुरूष पार्षदों में एक के हिस्से उपाध्यक्षी ही आयेगी। अध्यक्ष बनने के लिए अभी पांच साल इंतजार करना होगा।








