नाहन: पुलिस ने नष्ट किए ₹54,26,600 के नशीले पदार्थ. एसपी
अक्स न्यूज लाइन नाहन 26 जून
प्रदेशव्यापी “एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन” के अंतर्गत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के संकल्प को साकार करने हेतु हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध राज्यभर में निरंतर, सुनियोजित एवं कठोर अभियान चलाया जा रहा है।
ज़िले एसपी एनएस नेगी ने बताया कि इसी सशक्त कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, आज 26 जून को “अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस” (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) को संपूर्ण हिमाचल में “एंटी-चिट्टा दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। इस विशेष एवं ऐतिहासिक अवसर पर, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के सौदागरों की रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से एक अभूतपूर्व एवं दूरगामी कार्रवाई अमल में लाई गई।
एसपी ने बताया कि नशे के काले कारोबार के विरुद्ध राज्य सरकार की “शून्य सहनशीलता” (Zero Tolerance) नीति को कडा रेखांकित करते हुए, आज माननीय मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश, पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) शिमला महोदय की गरिमामयी उपस्थिति एवं वर्चुअल मार्गदर्शन में, एन.डी.पी.एस. (NDPS) अधिनियम के तहत दर्जनों मुकदमों में जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों की “केस प्रॉपर्टी” (जब्तशुदा माल) को सामूहिक रूप से सरकारी इंसिनरेटर (Incinerators) में भस्मीभूत किया गया।
नेगी ने बताया कि जिला सिरमौर द्वारा इस कार्यवाही के दौरान : *11.508 किलोग्राम चरस, 3704 नशीली दवाइयाँ/कैपसूल , 71.020 किलोग्राम चूरा पोस्त* को पूरी तरह नष्ट किया। नष्ट किए गए इन सभी नशीले पदार्थों का कुल अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग ₹ 54,26,600 आँका गया है।
*इस व्यापक कार्रवाई के उद्देश्य*
• *ड्रग माफिया को कड़ा संदेश*: अंतरराज्यीय एवं स्थानीय ड्रग माफिया, पेडलर्स और असामाजिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश देना कि हिमाचल प्रदेश में उनके काले साम्राज्य के खिलाफ निर्णायक युद्ध छिड़ चुका है।
• *युवा पीढ़ी की सुरक्षा*: प्रदेश की होनहार युवा पीढ़ी को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल से बचाकर उनके भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना।
• *जन-भागीदारी*: समाज के हर वर्ग, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और परिवारों को इस आंदोलन से जोड़कर एक सजग प्रहरी के रूप में खड़ा करना।
*विशेष आयोजन*
• आज जिले की 20 अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में “नशा निवारण समितियों” की बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की “Zero Tolerance” नीति को धरातल पर कड़ाई से लागू करना तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन की भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा करना है।
• जिले के सभी लगभग सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने हेतु “Anti-Chitta e-Pledge/Oath” (ई-शपथ) भी दिलाई जा रही है।
*जन अपील*
हिमाचल प्रदेश पुलिस समस्त प्रदेशवासियों से पुनः अपील करती है कि चिट्टा अथवा अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल 112 या निकटतम पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
माननीय मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, जन सहयोग तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से हिमाचल प्रदेश पुलिस “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प एवं निरंतर कार्रवाई के साथ आगे बढ़ रही है।




