जनगणना-2027 की प्रक्रियाओं को गहनता से समझें सभी प्रभारी अधिकारी: अभिषेक गर्ग
अभिषेक गर्ग ने बताया कि जनगणना-2027 के तहत जिला स्तर पर उपायुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी और एडीसी को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपमंडल, तहसील, उपतहसील, नगर निगम एवं अन्य शहरी निकायों के स्तर पर भी जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने बताया कि भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी तथा इसके लिए तीन डिजिटल प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। लोग स्वयं भी सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल यानि स्व-प्रगणना पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मोबाइल आधारित डाटा संग्रहण के लिए मोबाइल ऐप एंड जियो टैगिंग की सुविधा प्रदान की गई है। यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा और हाउस लिस्टिंग के लिए जियो-टैगिंग की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा सीएमएमएस (जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली) पोर्टल पर अधिकारी हर समय जनगणना की प्रगति पर नजर रख सकेंगे।
एडीसी ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया मुख्यतः दो चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में इस वर्ष 12 मई से 11 जून तक सभी मकानों एवं अन्य भवनों की लिस्टिंग की जाएगी। मकानों की लिस्टिंग की जानकारी स्वयं भरने के लिए 27 अप्रैल से 11 मई तक की अवधि निर्धारित की गई है। जिला हमीरपुर में दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत हर व्यक्ति से जुड़े सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे।
एडीसी ने बताया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित 30 प्रश्नों के अंतर्गत कुल 34 जानकारियां अपलोड होंगी। अगर कोई व्यक्ति स्वयं ये जानकारियां अपलोड करता है तो इसमें संबंधित प्रगणक की पुष्टि अनिवार्य होगी। जनगणना से संबंधित व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं और किसी भी नागरिक का व्यक्तिगत डाटा किसी से भी साझा नहीं किया जाता है।
एडीसी ने कहा कि चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद जिला में मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, सुपरवाइजरों और प्रगणकों के लिए भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि जनगणना के कार्य को सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके। कार्यशाला के पहले दिन जनगणना निदेशालय हिमाचल प्रदेश के सहायक निदेशक प्रियांशु तिवारी, नोडल अधिकारी अजय सोलंकी और हिमांशु यादव ने जनगणना चार्ज अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।




