अक्स न्यूज लाइन कुल्लू 1 अप्रैल :
सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय इंडिया (एम.एस.एम.ई.) फोरम द्वारा राष्ट्रीय आई.पी. आउटरीच मिशन के तहत उद्यमिता नवाचार और बौद्धिक संपदा के रणनीतिक उपयोग पर उद्यमियों को अवगत कराने के लिए होटल सरयल कुल्लू में कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला में अशोक कुमार गौतम (MSME DFO सोलन) और जिला परिषद लाहौल स्पीति के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा मुख्यातिथि उपस्थित हुए। उन्होंने नवाचार को बढ़ावा और व्यवसाय वृद्धि को गति देने पर प्रकाश डाला। यह कार्यशाला बौद्धिक संपदा अधिकारों, विशेष रूप से ट्रेडमार्क और पेटेंट के महत्व पर केंद्रित रही । विशेषज्ञों अधिवक्ता निखिल बिसेन व सत्येंद्र सिंह रावत ने बताया कि एम.एस.एम.ई. अपने उत्पादों और नवाचारों की सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए ट्रेडमार्क और पेटेंट का उपयोग कर सकते हैं। कार्यशाला में एम. एस.एम.ई. के लिए व्यावहारिक सलाह, सफल उद्यमियों की प्रेरणादायक कहानियां और कानूनी प्रक्रिया भी बताई गई। राष्ट्रीय. आई.पी. आउटरीच मिशन विकसित भारत के लिए मुख्य आकर्षण एम. एस. एम. ई. मंत्रालय की एम. एस. एम. ई. इनोवेटिव योजना का लाभ लेने पर केंद्रित सत्र रहा।
एम. एस. एम. ई. इनोवेटिव योजना के तहत एम. एस. एम. ई. को ट्रेडमार्क, पेटेंट, जी. आई, डिजाइन एवं प्रोटोटाइपिंग के लिए 10 हजार से 5 लाख रुपए के बीच प्रतिपूर्ति का अधिकार है। इंडिया एस. एम. ई. फोरम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से एम. एस.एम.ई. के बीच बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाओं की श्रृंखला का आयोजन कर रहा है ।
इसका आयोजन राष्ट्रीय आई.पी. आउटरीच मिशन के तहत 'विकसित भारत' के हिस्से के रूप में पूरे भारत में एम. एस. एम. ई. मंत्रालय के मान्यता प्राप्त बौद्धिक संपदा सुविधा केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा ।