राजभवन में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस पर मिलन कार्यक्रम आयोजित

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला ने पारंपरिक हिमाचली टोपी, मफलर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उपस्थित लोगों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में महानिदेशक कारागार एस. आर. ओझा, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अभिषेक त्रिवेदी, अतिरिक्त महानिदेशक गृह रक्षक सतवंत अटवाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की निदेशक किरण भड़ाना व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर राज्यपाल ने इन राज्यों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिमला में विभिन्न राज्यों के लोग रहते हैं। यह लोग व्यस्त दिनचर्या के कारण अपने-अपने राज्य के स्थापना दिवस नहीं मना पाते। इस प्रकार के आयोजन इन लोगों को अपनेपन का एहसास कराते हैं और उन्हें घर से दूर होते हुए भी घर जैसा माहौल मिलता है।
राज्यपाल ने कहा कि वह राजभवन को जनता के लिए सुलभ बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन आम जनता के लिए शनिवार और रविवार को खुला रहेगा जिससे लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और संस्कृति के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा एक-दूसरे से जुड़ने, विभिन्न भाषाओं और एक-दूसरे की परम्पराओं और पहनावे को समझने की भावना को इंगित करती है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने राज्यपाल से संवाद किया और अपने-अपने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी साझा की। प्रसिद्ध संगीतकार धनपत ने राजस्थानी लोकगीत की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध किया।
राज्यपाल के सचिव सी.पी.वर्मा और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।